प्रतिनिधि, विद्यासागर. खेत बचाव अभियान के तहत करमाटांड़ प्रखंड के किसानों के लिए आत्मा सभागार में बुधवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ. जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता, खेत की सुरक्षा एवं सुरक्षित तरीके से उर्वरक के उपयोग के बारे में जानकारी दी. किसानों को बताया कि अच्छी फसल उत्पादन के लिए मिट्टी की जांच अत्यंत आवश्यक है. फसल लगाने से पहले मिट्टी का परीक्षण कराने से भूमि में मौजूद पोषक तत्वों की सही जानकारी मिलती है, जिससे किसान आवश्यकता अनुसार उर्वरक का उपयोग कर सकते हैं. इससे खेती की लागत कम होती है. भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है. मिट्टी का नमूना सही तरीके से एकत्रित किया जाए और उसे कृषि विभाग अथवा कृषि विज्ञान केंद्र में जांच के लिए भेजा जाए. कहा कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए संतुलित एवं सुरक्षित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना जरूरी है. कार्यक्रम के दौरान पौधा संरक्षण विभाग की ओर से फसल सुरक्षा मिशन के तहत किसानों के बीच सुरक्षा किट का भी वितरण किया गया. किसानों को फसलों में लगने वाले रोग एवं कीटों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई, ताकि बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके. मौके पर उपपरियोजना पदाधिकारी संजय सिंह, करमाटांड़ प्रखंड तकनीकी प्रबंधक विजय कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.
किसानों को मिट्टी व फसल सुरक्षा के बारे में दी गयी जानकारी
विद्यासागर. खेत बचाव अभियान के तहत करमाटांड़ प्रखंड के किसानों के लिए आत्मा सभागार में बुधवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ.
