लघु सिंचाई गणना को लेकर प्रगणकों को मिला प्रशिक्षण

कुंडहित. प्रखंड सभागार में लघु सिंचाई गणना के लिए प्रगणकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया.

कुंडहित. प्रखंड सभागार में लघु सिंचाई गणना के लिए प्रगणकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. बीडीओ जमाले राजा ने कहा कि कृषि विकास एवं उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए लघु सिंचाई योजनाओं का विशेष महत्व होता है. भारत सरकार की ओर से प्रत्येक 5 वर्षों पर लघु सिंचाई गणना कराई जाती है. बताया कि इस बार के गणना में स्प्रिंग सेंसस यानी झरनों की भी गणना की जानी है. लघु सिंचाई के अभियंताओं ने प्रगणकों को गणना से जुड़ी तमाम जानकारियां दी. सही ढंग से गणना पूरा करने की अपील की. प्रशिक्षक अभियंताओं ने बताया की गणना के दौरान भूजल एवं सतही जल स्त्रों जैसे कुआं, नलकूप, सतही प्रवाह, तालाब एवं पोखर आदि के आंकड़े संकलित किए जाएंगे. ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक जल निकाय की गणना की जायेगी. प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाओं तय की जायेगी.

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Published by: Jiyaram murmu

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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