जामताड़ा. आम लोगों के साथ होनेवाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम लागू है. इसके बावजूद उपभोक्ता ठगे जाते हैं. उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए झारखंड में राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग व जिला स्तर पर जिला उपभोक्ता फोरम बनाया गया है. लेकिन जिला उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष का पद खाली पड़ा हुआ है. जिला स्तर पर आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल दिसंबर 2024 में समाप्त होने के बाद से ही जनवरी 2025 से रिक्त पड़ा है. अध्यक्ष पद पर अब तक किसी की नियुक्ति नहीं की गयी है. जानकारों का कहना है कि अध्यक्ष पद खाली रहने से उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी हो रही है. इससे उपभोक्ताओं को न्याय मिलने में विलंब हो रहा है. जामताड़ा जिला उपभोक्ता फोरम में इन दाे महीने में 39 मामले पेंडिंग हैं, जिसका जजमेंट नहीं हो पा रहा है. इस संबंध में सदस्य रिजवान उल हक से पूछे जाने पर बताया कि उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष का पद रिक्त है. दो सदस्य (एक पुरुष सदस्य, एक महिला सदस्य) कार्यरत हैं.
एक करोड़ तक के जिला फोरम में दर्ज होते हैं मामले :
जानकारी के अनुसार जिला उपभोक्ता फोरम में एक करोड़ रुपये तक की शिकायत दर्ज करवायी जा सकती है, जबकि राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में 10 करोड़ रुपये तक के मुआवजा के मामले दायर किये जा सकते हैं. राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में 10 करोड़ रुपये से अधिक के मामले में शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
