पीएम आवास की जगह अबुआ आवास में रुचि दिखा रहे लोग

पीएम आवास के लिए अब तक करीब 55 हजार लोगों ने कराया सर्वे, 30 अप्रैल तक का है समय. अबुआ आवास में लाभुकों को 80 हजार रुपये अधिक दिये जा रहे हैं.

जामताड़ा. जिले के ग्रामीण बेघरों की दिलचस्पी प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है. वे प्रधानमंत्री आवास योजना लेने की बजाय अबुआ आवास योजना का लाभुक बनना चाहते हैं. इस वजह से पीएम आवास के लिए सूचीबद्ध होने के बाद भी लोग इसका लाभुक बनना नहीं चाह रहे हैं. वे अबुआ आवास मांग रहे हैं. यह देखा जा रहा है कि पीएम आवास के लिए जिले में सर्वे का कार्य चल रहा है, जो 30 अप्रैल तक चलेगा. अब तक मात्र 55 हजार लोगों ने पीएम आवास के लिए सर्वे कराया. लेकिन ज्यादा से ज्यादा लोग पीएम आवास के लिए जियो टैग हो, इसपर प्रशासन की ओर से जोर दिया गया है. अबुआ आवास में 80 हजार रुपये अधिक दिये जा रहे : प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुकों को आवास के लिए प्रति इकाई 1.20 लाख रुपये दिये जाते हैं. वहीं, अबुआ आवास के लिए प्रति इकाई दो लाख रुपये दिये जाते हैं. इस तरह अबुआ आवास में लाभुकों को 80 हजार रुपये अधिक दिये जा रहे हैं. इस कारण लाभुकों का रुझान अबुआ आवास योजना की ओर ज्यादा है. जिले में अबुआ आवास के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 24 आवास की स्वीकृति हुई है. वहीं नये वित्तीय वर्ष के लिए करीब 5711 आवास का लक्ष्य मिला है. अब लाभुक भी पीएम आवास के लिए कर सकते हैं जियो टैग : प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक स्वयं अपने आवास का जियो टैग कर सकते हैं. यह सुविधा एक मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध है. ऐप के माध्यम से, लाभुक अपने आवास का जियो टैग कर सकते हैं. लाभुक द्वारा जियो टैग किए जाने के बाद, पंचायत सेवक द्वारा सात दिनों के अंदर स्थल सत्यापन किया जाएगा. पंचायत सेवक जियो टैग को एप्रूव या रिजेक्ट कर सकते हैं, साथ ही कारण भी बता सकते हैं. क्या कहते हैं डीडीसी : पीएम आवास के लिए लाभुकों का सर्वे जारी है. अब तक जिले भर में 55 हजार लोगों ने सर्वे कराया है. ज्यादा से ज्यादा लोग सर्वे करायें, ताकि पीएम आवास का योजना का लाभ दें सकें. – निरंजन कुमार, डीडीसी

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Author: MANOJ KUMAR

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