जामताड़ा के साइबर अपराधियों की करतूत
जामताड़ा : जामताड़ा के साइबर अपराधियों ने केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव को भी नहीं बक्शा है. जामताड़ा पुलिस ने शनिवार को करमाटांड़ थाना से जिन तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उसमें एक जर्नादन मंडल ने भारत सरकार के एक केंद्रीय मंत्री के पीए के खाते से 35 हजार रुपए निकाल लिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह के निजी सचिव हैं. उक्त जानकारी एसडीपीओ पूज्य प्रकाश ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बतायी.
उन्होंने कहा कि दिल्ली और कोलकाता की पुलिस ने जामताड़ा व करमाटांड़ थाना की पुलिस की मदद से तीन साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. तीनों साइबर अपराधी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सामुकपोखर गांव का रहने वाला है. तीन में से एक को कोलकाता की पुलिस ने कोर्ट के आदेशानुसार विकास तुरी उर्फ राम विकास तुरी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गयी.
केंद्रीय मंत्री के पीए…
उसी गांव के जर्नादन मंडल तथा सहदेव मुर्मू को दिल्ली पार्लियामेंट थाना की पुलिस तथा करमाटांड़ थाना की पुलिस ने संयुक्त रूप से गिरफ्तार किया है. बताया कि दिल्ली पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना में दर्ज कांड संख्या 257/15 जर्नादन मंडल को सामुकपोखर गांव से आज सुबह गिरफ्तार किया गया है.
गांव के ही हमनाम पर लिया सिम: जनार्दन मंडल सामुकपोखर गांव के ही दूसरे जनार्दन मंडल का फोटो लगाकर सीम कार्ड निकाल कर बैंक से रुपये की निकासी करता था. पुलिस ने पता कर सही अपराधी जनार्दन मंडल को गिरफ्तार किया. इनके पास से चार एटीएम कार्ड, एक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, चार विभिन्न कंपनियों के मोबाइल सेट बरामद हुआ है.
सौ रुपए पर 15 रुपए लेता था
एसडीपीओ का कहना है कि अपने खाते में पैसा रखने के बदले सहदेव प्रति सौ रुपये पर 15 रुपये लेता था. डीएसपी पूज्य प्रकाश ने कहा कि जनार्दन मंडल पर करमाटांड़ थाना में मामला दर्ज है, जो थाना कांड संख्या 06/16 दर्ज है. साथ ही कोलकाता विधान नगर साइबर क्राइम थाना 24/16 धारा भादवि 420,120 राम विकास तुरी उर्फ विकास तुरी पर मामला दर्ज है.
दिल्ली,कोलकाता की पुलिस ने तीन अपराधी को किया गिरफ्तार
मास्टर माइंड था जनार्दन ठगी के बाद दूसरे खाते में रखता था पैसा
पुलिस प्रशासन के अनुसार साइबर अपराध मामले में जर्नादन चतुर खिलाड़ी थी. वह फर्जी बैंक मैनेजर बन कर किसी के खाते से पैसा निकालने के बाद अपने नाम के खाते में पैसा नहीं जमा करता था. बल्कि बहुत चलाकी से सहदेव मुर्मू के खाता में रुपये का स्थानांतरण करता था.
