प्रतिनिधि, मिहिजाम. धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मंगलवार को मिहिजाम में पत्रकार वार्ता की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत की नारियों को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए 17 अप्रैल को नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल प्रस्तावित किया था, लेकिन विपक्ष की मानसिक स्थिति इतनी खराब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में यह लोग देश की महिलाओं के अधिकारों के विरोध में वोट कर दिये, जिससे यह बिल पास नहीं हो सका. विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी पहले भाषण दिया करते थे कि केंद्र सरकार महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देना चाहती, इसीलिए महिलाओं का आरक्षण बिल संसद में पेश नहीं कर रही है, लेकिन जब केंद्र सरकार द्वारा संसद में यह बिल प्रस्तावित किया गया तो फिर से राहुल गांधी के कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो गया. उन्होंने कहा यह बिल इस देश में एक स्वर्णिम इतिहास के रूप में दर्ज होता. नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि यह देश के करोड़ों माताओं बहनों एवं बेटियों के अधिकार, सम्मान और भागीदारी को सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक निर्णय था. वर्षों से महिलाओं को राजनीति में बराबरी का सिर्फ बातें होती रही, हवाई सपने हमें दिखाते रहे, लेकिन यह सिर्फ चर्चे और वादे में ही सीमित रहा. कहा आज पहली बार इस दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया लेकिन विपक्ष को पसंद नहीं आया. इस अधिनियम में संसद व विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देना तय किया गया है. अगर महिला आरक्षण बिल पास होता तो विधानसभा से लेकर संसद तक महिलाओं की आवाज मजबूत होती. यह विधेयक पास नहीं होना महिलाओं के अधिकारों के लिए एक झटका है. मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मनीष दुबे, जिला महामंत्री कमलेश मंडल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश राय, मिहिजाम नगर परिषद अध्यक्ष जयश्री देवी, भाजपा नगर अध्यक्ष लोकेश महतो, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सोरेन, जिला मंत्री संजू देवी, अर्चना गुप्ता, पूनम देवी, सुनीता राउत आदि मौजूद रहीं.
विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार के विरोध में किया वोट : राज सिन्हा
मिहिजाम. धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मंगलवार को मिहिजाम में पत्रकार वार्ता की.
