संवाददाता, जामताड़ा. जामताड़ा में तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया. लेकिन इस भीषण गर्मी से कहीं अधिक परेशानी सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था ने मरीजों और उनके परिजनों को दी है. अस्पताल में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है. इस कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. अस्पताल के वार्डों में लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिससे मरीज और उनके परिजन गर्म नल का पानी पीने को मजबूर हैं या फिर बाहर से पानी लाने के लिए कड़ी धूप में भटक रहे हैं. पंजनियां निवासी राजेश मिर्धा, अपने नवजात शिशु के इलाज के लिए पिछले पांच दिनों से अस्पताल में हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें पीने के पानी के लिए बार-बार अस्पताल के बाहर जाना पड़ता है. इसी तरह बर्न मरीज के साथ आए लालबाबू, हरदेव बेसरा ने भी पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जतायी. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ शिवप्रसाद मिश्रा ने कहा कि खराब पड़े वाटर कूलरों को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि मरीजों को राहत मिल सके. ……….. …………………….. भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी जामताड़ा. जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है. लोगों को गर्मी से बचाने के लिए जगह-जगह होर्डिंग लगाकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा ने गर्मी से बचाव को लेकर जरूरी सुझाव दिए. कहा कि अधिक से अधिक पानी पीएं और घर से बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढक कर ही निकलें वहीं जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ अजित कुमार दुबे ने बताया कि हाल के दिनों में सभी स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों, सहिया और सहिया साथियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि हीट वेव से निबटने में किसी प्रकार की कमी न रहे. उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि तेज धूप से बचने के लिए अपने कामकाज को दो शिफ्ट में बांटें, सुबह और शाम के समय ही जरूरी कार्य करें. दिन के समय तापमान में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. वहीं नमक-चीनी का घोल, छाछ, लस्सी, आम का शरबत, तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी का नियमित सेवन करने की सलाह दी.
सदर अस्पताल में व्यवस्था बदहाल, गर्मी में मरीज पानी के लिए बेहाल
जामताड़ा. जामताड़ा में तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया. लेकिन इस भीषण गर्मी से कहीं अधिक परेशानी सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था है.
