जामताड़ा : पुलिस ने साइबर क्राइम का एक और मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया साइबर अपराधी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के देवलबाड़ी गांव का रहने वाला मिथिलेश मंडल है. फरजी बैंक अधिकारी बनकर उसने महज दो साल में 15 लाख रुपए से भी अधिक की निकासी कर ली है. उसकी उम्र महज 25 वर्ष है. दुमका जिले के काठीकुंड थाना के एक चापानल मिस्त्री राजेश हेंब्रम के खाते से भी उसने ही फरजी बैंक अधिकारी बनकर 42, 486 रुपये की निकासी की थी. जामताड़ा, दुमका सहित राज्य के कई जिलों की
पुलिस को मिथिलेश मंडल की तलाश थी.
जामताड़ा एसपी मनोज कुमार सिंह ने प्रेस को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार की रात जामताड़ा और करमाटांड़ पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर मिथिलेश मंडल को गिरफ्तार कर लिया है. प्राप्त सूचना के अनुसार उसने महज दो साल में कई बैंक खातों से फरजी बैंक अधिकारी बनकर 15 लाख रुपए से अधिक की निकासी कर ली है. मिथिलेश बहुत ही शातिर अपराधी है और घटना को अंजाम देने के बाद एक जगह रुकता नहीं था.
गुरुवार को सूचना मिली कि वह अपने गांव करमाटांड़ थाना के देवलीबाड़ी आया है. पुलिस ने गिरफ्तारी की योजना बनाई. विभाग के टेक्निकल सेल के सहयोग से वह गिरफ्तार कर लिया गया. मिथिलेश मंडल के पास से पुलिस को एक माइक्रोमैक्स बोल्ट मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, विभिन्न बैंक के छह खाता तथा 47 सौ रुपए कैश मिले हैं.
एसपी का कहना है कि पुलिस दबिश के कारण इस वर्ष साइबर अपराध के ग्राफ में कमी आयी है. सबसे बड़ा उदाहरण है कि साइबर अपराधियों के ट्रांजेक्शन में इस वित्तीय वर्ष में भारी कमी आयी है.
पुलिस खंगाल रही अपराध के सूत्र :
पुलिस के अनुसार पूरे मामले की छानबीन की जा रही है. संभव है उसके पास से साइबर अपराध के कई बड़े सूत्र हाथ लगे. इस आधार पर पुलिस कई साइबर अपराधियों को दबोचने में सफल हो सकती है.
छापामारी टीम में ये थे शामिल
जामताड़ा पुलिस निरीक्षक बाल्मीकि सिंह, करमाटांड़ थाना प्रभारी राजेश कुमार सिन्हा, तकनीकी सेल के संतोष कुमार, सुनील झा, मनोज कुमार तथा सशस्त्र पुलिस टीम शामिल थी.
वर्जन
पुलिस के लिए यह बड़ी सफलता है. पुलिस किसी भी सूरत में साइबर अपराधियों को नहीं छोड़ेगी. साइबर अपराध को खत्म करने के लिए पुलिस विभाग के तकनीकी सेल को और भी मजबूत किया जा रहा है. जिससे अपराधी घटना को अंजाम नहीं दे पायें.
– मनोज कुमार सिंह, एसपी जामताड़ा.
