जामताड़ा के 25 किसान कोलकाता में जैविक खेती का लेंगे प्रशिक्षण
जामताड़ा. जिले के 25 किसान 18 मार्च से 22 मार्च तक सॉल्ट लेक कोलकाता स्थित रीजनल सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर और विधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय, नदिया, मोहनपुर में प्रशिक्षण के लिए भेजे गये हैं.
जामताड़ा. कृषि विभाग के आत्मा के सौजन्य से बीटीएम मो इकबाल हुसैन की देखरेख में जिले के 25 किसान 18 मार्च से 22 मार्च तक सॉल्ट लेक कोलकाता स्थित रीजनल सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर और विधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय, नदिया, मोहनपुर में प्रशिक्षण के लिए भेजे गये हैं. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को रासायनिक कीटनाशकों और फफूंदनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले नुकसान से बचाना और उन्हें जैविक खेती सहित समेकित कीट रोग प्रबंधन के अन्य तरीकों से परिचित कराना है. प्रशिक्षकों ने किसानों को बताया कि रासायनिक दवाओं का अनावश्यक प्रयोग न केवल आर्थिक हानि पहुंचाता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को समेकित कीट प्रबंधन की विभिन्न विधियों के बारे में बताया गया. किसानों को घर पर ट्राइकोडर्मा और वेवेरिया तैयार करने की विधि भी सिखाई गई. प्रशिक्षकों ने किसानों को बताया कि आम, अमरूद और खीरा, कद्दू, कोहड़ा, ककड़ी जैसी लतर वाली फसलों में फल मक्खी के नियंत्रण के लिए रासायनिक दवाओं के बजाय इथेनॉल, मिथाइल यूजीनोल और क्यूलियोर से “लियोर ” तैयार कर उसका उपयोग करना अधिक सुरक्षित और प्रभावी है. प्रशिक्षण के दौरान ग्राफ्टिंग, कटिंग और बूटिंग के जरिए पौध तैयार करने की विधियां भी बताई गयी. साथ ही, किसानों को आम और कटहल के बगीचों के प्रबंधन और बिचड़ा उत्पादन की नयी तकनीकों से भी अवगत कराया गया. किसानों को प्रेरित किया गया कि वे रासायनिक दवाओं का कम उपयोग करें और जैविक खेती की ओर बढ़ें. किसान अब पौध तैयार कर अपनी नर्सरी शुरू कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी.
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