शिक्षा के सशक्तिकरण के लिए पंचायतों की भूमिका अहम : डीसी

जामताड़ा. समाहरणालय सभागार में मंगलवार को झारखंड शिक्षा परियोजना के तत्वावधान में जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन हुआ.

समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन प्रतिनिधि, जामताड़ा. समाहरणालय सभागार में मंगलवार को झारखंड शिक्षा परियोजना के तत्वावधान में जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन हुआ. उद्घाटन उपायुक्त रवि आनंद, आइटीडीए निदेशक जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, डीपीआरओ पंकज कुमार रवि व मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष देवीसन हांसदा ने संयुक्त रूप से किया. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जामताड़ा की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया. सम्मेलन में डीएसइ विकेश कुणाल प्रजापति ने विषय प्रवेश कराया. बतौर मुख्य अतिथि उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि शिक्षा के सशक्तिकरण के लिए पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है. पंचायत और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही शिक्षा के स्तर में अपेक्षित सुधार लाया जा सकता है. उन्होंने शिक्षा विभाग के योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने पर बल दिया. उन्होंने लड़के-लड़कियों की शिक्षा में किसी प्रकार का भेदभाव न करने और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही बेहतर समाज का निर्माण संभव है. उपायुक्त ने सभी मुखियाओं से अपने कर्तव्यों और अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विद्यालयों को स्वच्छ, सुदृढ़ और आकर्षक बनाने का आह्वान किया. साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें पुनः विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा. उन्होंने पंचायत निधि से विद्यालयों में शौचालय, चहारदीवारी निर्माण एवं पौधारोपण कराने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को समग्र शिक्षा अभियान की ओर से शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया. विद्यालय प्रबंधन समिति के कुल 16 सदस्यों में जनप्रतिनिधि के रूप में मुखिया की भूमिका पर प्रकाश डाला. कहा कि मुखिया अपने स्तर से विद्यालय में चापानल, पोषण वाटिका, चहारदीवारी की समस्या का निराकरण करें. आइटीडीए निदेशक ने कहा कि बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों को जागरूक करना आवश्यक है. कहा कि अपने पंचायत के क्षेत्र के 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन एवं उनकी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कराने में मुखियाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बच्चों को निशुल्क मध्याह्न भोजन, पोशाक, स्कूल किट, साइकिल और स्कूल बैग उपलब्ध कराया जा रहा है. मुखियाओं की सम्मेलन को डीपीआरओ पंकज कुमार रवि, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप आदि ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त रवि आनंद ने जिले के सभी छह प्रखंडों से चयनित 28 मुखियाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए शॉल ओढ़ाकर एवं मेमेंटो देकर सम्मानित किया. पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी दी गयी. मौके पर शिक्षक दुर्गेश कुमार दुबे, शिक्षक विद्या सागर, एडीपीओ रश्मि एक्का, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी सर्किल मरांडी, बीइइओ मिलन कुमार घोष, मुखिया मेरीलता मरांडी, शिवधन हांसदा, मनोज मरांडी, मंगल सोरेन, अजीत मुर्मू, एसएसए कर्मी अनिल कुमार, विनोद राजहंस, कामाख्या मंडल, सुमना बाउरी आदि मौजूद रहे.

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Published by: Umesh kumar

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