वैक्टरजनित रोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या : प्रशिक्षक
जामताड़ा : सदर अस्पताल स्थित सीएस कार्यालय के सभागार में बुधवार को वैक्टर जनित बीमारी की रोकथाम को लेकर सीएस डॉ बीके साहा की अध्यक्षता में प्रशिक्षण का आयोजन किया़ इस दौरान चिकित्सक, पर्यवेक्षक, बीटीटी ने भाग लिया़ मौके पर प्रशिक्षक डॉ एसके मिश्रा ने कहा कि वैक्टर जनित रोग मुख्य रूप से भारत में मलेरिया, फाइलेरिया, काला ज्वर, डेंगू, चिकनगुनिया सहित अन्य बीमारी के नाम से जाना जाता है. ये रोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन गए है. कहा इनका लक्षण है कि ब्रेन एवं स्पाइनल कार्ड के झिल्लियों का सूजन करने वाले अन्य वाइरसों की तरह इस रोग के लक्षण समान होते हैं.
अन्य बीमारियों के तरह इसकी भी प्रारंभिक लक्षण सिर दर्द, तेज बुखार, बेहोशी, कंपन, उल्टी आना माना जाता है. लेकिन समय बीतने पर इसके गंभीर लक्षण दिखाई देता है. इस रोग से बचाव के लिए बच्चे, गर्भवती महिला एवं अन्य व्यक्ति को सोते समय कीटनाशी युक्त मच्छरदानी का प्रयोग करना अनिवार्य है. कहा घर के आसपास जल जमाव नहीं होना चाहिए. घर के आस-पास साफ-सुथरा रखना अनिवार्य है. मौके पर श्री आर्यन, रीना कुमारी, रत्नेश शर्मा, ए अहमद राजा परवेज, रूपेश कुमार, मनोज कुमार, प्रफुल रवानी, बीटीटी साहिक अली, रमेश कुमार, मरजीना खातून सहित अन्य मौजूद थे.
95 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य
नाला. आगामी 11, 12 एवं 13 मार्च को पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार प्रजापति ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठक की. जिसमें चिकित्सक, एएनएम एवं स्वास्थ्य कर्मियों को कई दिशा-निर्देश दिया. अभियान की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा तथा इसका मॉनिटरिंग करने को कहा. कहा कि पहला दिन बूथ पर 95 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य प्राप्त करना है. इसके लिए शिक्षक आंगनबाड़ी केन्द्र के सेविका से सहयोग लेने को कहा. बीडीओ श्री प्रजापति ने नवजात शिशुओं की सूची प्राप्त कर उन्हें भी दवा पिलाने को कहा. अभियान के प्रथम दिन प्रभात फेरी करने का निर्देश दिया. बैठक में बीडीओ के अलावा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नदिया नंद मंडल के अलावा चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.
