बिजली बनी कोल्ड-स्टोरेज निर्माण में रोड़ा

कमी. जिले के किसान फसल भी नहीं रख पाते सुरक्षित, स्टोरेज की समस्या से जूझ रहे जामताड़ा : जिला बने 17 वर्ष हो गये. लेकिन किसानों की समस्या पर आजतक कोई रणनीति नहीं बनी है. जिले में एक कोल्ड-स्टोरेज तक नहीं है जहां किसान अपनी उपज एवं बीज को सुरक्षित रख सके और समय पर […]

कमी. जिले के किसान फसल भी नहीं रख पाते सुरक्षित, स्टोरेज की समस्या से जूझ रहे

जामताड़ा : जिला बने 17 वर्ष हो गये. लेकिन किसानों की समस्या पर आजतक कोई रणनीति नहीं बनी है. जिले में एक कोल्ड-स्टोरेज तक नहीं है जहां किसान अपनी उपज एवं बीज को सुरक्षित रख सके और समय पर उसे निकाल कर बाजार में बेच सके. यदि कोल्ड स्टोरेज होता तो किसानों को मेहनत का पारिश्रमिक भी मिल जाती. जिले में कोल्ड-स्टोरेज के नहीं बनने से किसान अपनी मेहनत एवं पूंजी को नहीं लगा रहे हैं. किसान खाने भर ही अपनी उपज तथा सब्जी का उत्पादन करते हैं.
जामताड़ा जिला बंगाल सीमा से सटा हुआ है. इसलिए बंगाल पर ही मार्केट ज्यादा निर्भर है. वहीं बंगाल में किसानों की सुविधा के लिए कोल्ड-स्टोरेज काफी संख्या में बनी हुई है. बंगाल के कोल्ड-स्टोरेज के सामान जामताड़ा के बाजार में बिकती है. जिस समय यहां के किसान अपनी उपज एवं सब्जी का उत्पादन को बाजार तक नहीं ला पाते हैं, उस समय में जामताड़ा के बाजार में कोल्ड-स्टोरेज का सामान मिल जाता है. ऐसे में जामताड़ा के किसान अपनी उपज को बढ़ाने का साहस नहीं करते हैं.
कहते हैं किसान
जिले में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मिल जाती तो खेती करने में आसानी होती. खाने भर से ज्यादा उपज का उत्पादन करने का साहस नहीं करते हैं. क्योंकि इसमें पूंजी एवं लागत की बर्बादी होगी.
– राम प्रसाद राय, किसान
किसानों की समस्या पर सरकार व प्रशासन का ध्यान नहीं है. किसानों को समय पर बीज तक नहीं देते हैं तो सरकार बिजली की क्या व्यवस्था करेगी. कोल्ड-स्टोरेज किसानों की रीढ़ होती है.
-लखन मुर्मू, किसान
कहते हैं जिला कृषि पदाधिकारी
जामताड़ा में बिजली की मुख्य समस्या है. कोल्ड स्टोरेज के लिए बिजली 24 घंटे रहनी चाहिए. तभी कोल्ड स्टोरेज काम करती है. विभाग भी अनुदानित दर पर योजना को देने के लिए तैयार है, लेकिन बिजली की मुख्य समस्या के कारण ही कोल्ड स्टोरेज की योजना को कोई लेने का साहस नहीं करते हैं. जिला में लगभग 80 हजार किसान हैं.
लेकिन किसान खानेभर ही सब्जी एवं बीज का उत्पादन करते हैं. यहां किसान व्यवसायिक प्रवृत्ति के नहीं है. ट्रांसपोर्टर की भी समस्या है.
– ब्रह्मदेव साव, जिला कृषि पदाधिकारी, जामताड़ा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >