जमशेदपुर : एक्सएलआरआइ जमशेदपुर में मंगलवार को ब्लेंडेड पीजीडीएम कार्यक्रमों का तीसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. इसमें मानव संसाधन प्रबंधन, बिजनेस मैनेजमेंट और फाइनेंस के 129 प्रोफेशनल्स को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रदान किया गया. दीक्षांत समारोह में इमर्जिंग सीएचआरओ के लिए 18 माह के पीजीडीएम एचआरएम के 36, दो वर्षीय पीजीडीएम एचआरएम के 33, पीजीडीएम बिजनेस मैनेजमेंट के 41 और पीजीडीएम फाइनांस के 19 विद्यार्थियों ने डिप्लोमा सर्टिफिकेट हासिल किया.
एआइ से आसानी से उपलब्ध हो रही तकनीकी क्षमताएं
समारोह के मुख्य अतिथि डेलॉयट साउथ एशिया के चीफ ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर आनंद शंकर ने कहा - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के बढ़ते प्रभाव के कारण कई तकनीकी क्षमताएं अधिक आसानी से उपलब्ध हो रही हैं. ऐसे में भविष्य में मानवीय निर्णय क्षमता, सिद्धांतों और उद्देश्य की समझ का महत्व और बढ़ेगा. एक्सएलआरआइ के निदेशक डॉ. (फादर) सेबेस्टियन जॉर्ज, एसजे ने शिक्षा और नेतृत्व के व्यापक उद्देश्य पर बल दिया.
इन चार विद्यार्थियों को मिला गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों ने जिम्मेदार एवं नैतिक प्रबंधन, ईमानदारी, समावेशिता, स्थिरता और सामाजिक हित में अपने ज्ञान के उपयोग की शपथ ली. समारोह में चार विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. इनमें दीप्ति संतोष मुलगांवकर (सीएचआरओ), अभिनव कुमार ठाकुर (पीजीडीएम-बीएम), मेनका शर्मा (पीजीडीएम-एचआरएम) और सुनंदा प्रधान (पीजीडीएम-फाइनांस) शामिल हैं.
