कोवाली: कोवाली थाना क्षेत्र के पोड़ाडीहा गांव में 11वीं की छात्रा सोमवारी पुराण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को आक्रोश मार्च निकाला और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की.
आक्रोश मार्च का नेतृत्व भाजपा नेत्री सह हल्दीपोखर पूर्वी पंचायत की मुखिया देवी कुमारी भूमिज और पोड़ाडीहा पंचायत की मुखिया दुखनी माई सरदार ने किया. इस दौरान प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी गई कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
9 अगस्त को पेड़ से लटका मिला था छात्रा का शव
गौरतलब है कि 9 अगस्त को छात्रा सोमवारी पुराण का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था. घटना के बाद कोवाली पुलिस ने मामले को आत्महत्या मानते हुए अंत्यपरीक्षण के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था.
हालांकि, परिजन शुरू से ही इस मामले को संदिग्ध बता रहे हैं. उनका आरोप है कि छात्रा ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया.
सुसाइड नोट और मोबाइल से खुल सकते हैं कई राज
परिजनों के अनुसार, घटनास्थल से एक नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें सोनू नाम के एक युवक का जिक्र किया गया है. उनका कहना है कि छात्रा के मोबाइल से भी कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती हैं.
परिजनों का आरोप है कि घटना के आठ दिन बाद भी पुलिस की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है.
24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
मुखिया देवी कुमारी भूमिज और दुखनी माई सरदार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ग्रामीण वरीय अधिकारियों से मिलकर न्याय की मांग करेंगे. इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा.
आक्रोश मार्च में ग्राम प्रधान गोपाल पुराण समेत गांव के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए.
