गुड़ाबांदा: गुड़ाबांदा प्रखंड की बालिजुड़ी ग्राम पंचायत स्थित बेनागाड़िया गांव के जाहरेथान में प्रतिबंधित पशु के बलि को लेकर दो गुटों में तनाव कायम हो गया है. विवाद गहराने पर गांव के ग्राम प्रधान को हटाने की मांग की जाने लगी है.ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी, उपायुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी और देश परगना घाटशिला और मुखिया को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.
आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान गैर पारंपरिक ग्राम प्रधान बालिराम हेंब्रम द्वारा अपने सहयोगी सिंगराय हेम्ब्रम और कारण टुडू के सहयोग से जाहेर स्थान में प्रतिबंधित पशु की बलि दी जा रही है. ग्रामीणों ने कहा हर पांच वर्ष में यह बलि दी जाती है और इसके साथ जाहेरथान का इयुकिलिप्टस पेड़ बेचा गया है.
ग्रामीणों का दावा है कि इससे गांव में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो रहा है. आवेदन में उल्लेख है कि पूर्व पारंपरिक ग्राम प्रधान शशि हेंब्रम ने बलि का विरोध किया था, इसी कारण उन्हें पद से हटाया गया और उसके जगह गैर-पारंपरिक ग्राम प्रधान के रूप में बालिराम हेंब्रम को बनाया गया. ग्रामीणों की मांग है कि वर्तमान गैर-पारंपरिक ग्राम प्रधान बालिराम हेंब्रम को पद से हटाया जाय और उनका मानदेय बंद किया जाय, पेसा अधिनियम 2025 के तहत पारंपरिक ग्राम प्रधान शशि हेंब्रम को पुनः ग्राम प्रधान नियुक्त किया जाये.
आवेदन पर बालिजुड़ी ग्राम पंचायत की मुखिया का हस्ताक्षर और मुहर भी है. मुखिया ने कहा कि ग्रामीणों के आवेदन सही हैं और मामले के समाधान तक आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है.
