आपदा से निपटने के लिए जिले में सिविल डिफेंस प्रशिक्षित 10 हजार से ज्यादा वोलिंटियर

आपदा से निपटने के लिए जिले में सिविल डिफेंस प्रशिक्षित दस हजार से ज्यादा वोलेंटियर

सिविल डिफेंस वोलिंटियर को होमगार्ड की तरह वेज मिले, डीसी को दिया प्रस्ताव, डीसी ने सरकार को प्रस्ताव भेजने का दिया आश्वासन

(फोटो 8 सिविल डिफेंस 1)

मुख्य संवाददाता, जमशेदपुर

पूर्वी सिंहभूम जिले में आपदा से निपटने के लिए जिले में सिविल डिफेंस प्रशिक्षित 10 हजार से ज्यादा वोलिंटियर हैं. शहर से लेकर गांव में रहने वाले ये वोलेंटियर सिविल डिफेंस की बेसिक ट्रेनिंग के साथ फर्स्ट एड, फायर फायटिंग लिए हैं. इसमें 25 दिन, एक माह, डेढ़ माह की ट्रेनिंग शिड्यूल को पूरा करने पर जिले में बाढ़, भूकंप, कोविड महामारी समेत अन्य विकट परिस्थिति में जान-माल की सुरक्षा देने का काम कर चुके हैं. बतौर प्रशिक्षक (स्वयं सेवक) दूसरे को समाज में अनुशासित होकर जरूरमंदों की सेवा करने, जान-माल की रक्षा करने तैयार रहते हैं. इधर बिष्टुपुर स्थित सिविल डिफेंस कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक सुरेंद्र प्रसाद ने जिले के डीसी अनन्य मित्तल से बुधवार शाम को मिलकर सिविल डिफेंस वोलिंटियर को होमगार्ड की तरह 1088 रुपये प्रतिदिन वेज दिलवाने का प्रस्ताव दिया. वहीं डीसी ने सरकार को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया हैं.

गृह मंत्रालय ने आपदा से ससमय निपटने राज्य व जिलों से मांगा वार्षिक प्लान

भारत सरकार गृह मंत्रालय ने आपदा से ससमय निपटने राज्य व जिलों के डीसी से मांगा वार्षिक मास्टर प्लान (एनुएल एक्शन प्लान) मांगा हैं. इस प्लान में सिविल डिफेंस वोलिंटियर को वेज को जोड़ने का अनुरोध किया है, ताकि जिला व राज्य की वार्षिक मास्टर प्लान की अनुमति देने में बड़ी वित्तीय राशि खर्च होगी. इस कारण इस पर कैबिनेट स्तर से निर्णय लिया जाना हैं.

वेज नहीं मिलने से सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण लेने में रूचि नहीं ले रहे हैं वोलिंटियर

सिविल डिफेंस के कर्मी सुरेंद्र प्रसाद ने डीसी को बताया कि वेज नहीं मिलने से सिविल डिफेंस की प्रशिक्षण लेकर काम करने में वोलिंटियर रूची नहीं ले रहे हैं, जबकि होमगार्ड की तरह वेज मिलने पर जिले में सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण लिए मैनपावर को युद्ध, आपदा के समय आदि स्थिति में बेहतर काम कर सकते हैं.

1961 में भारत-चीन से युद्ध के बाद 1962 में सिविल डिफेंस का यूनिट खुला था

63 साल पूर्व वर्ष 1961 में भारत-चीन से युद्ध के बाद वर्ष 1962 में सिविल डिफेंस का यूनिट खुला था. जिले में सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग के अलावा नागपुर में राष्ट्रीय ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन सिविल डिफेंस की राष्ट्रीय ट्रेनिंग सेंटर एनडीआरएफ के अधीन होने के बाद से वहां ट्रेनिंग अस्थायी रूप से बंद की गयी है.

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Author: KUMAR ANAND

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