– कंपनी ने ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ाया कदम, डेटाब्रिक्स से मिलाया हाथ
– एआइ ”जीनी” देगा कर्मचारियों के हर सवाल का जवाब, सर्विस होगी और भी तेजवरीय संवाददाता, जमशेदपुर
टाटा पावर ने ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर कदम बढ़ाते हुए अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है. कंपनी ने अपने पूरे बिजनेस क्लस्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और डेटा के इस्तेमाल के लिए विश्व प्रसिद्ध ””डेटाब्रिक्स”” प्लेटफॉर्म को अपनाया है. इस बदलाव से न केवल बिजली वितरण और ग्रिड मैनेजमेंट स्मार्ट होगा, बल्कि जमशेदपुर सहित देश भर के उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग व बेहतर बिजली आपूर्ति की सुविधा मिलेगी. इस नयी साझेदारी की सबसे खास बात ””जीनी”” नाम का एआइ एजेंट है. टाटा पावर का कोई भी कर्मचारी पेचीदा डेटा फाइलों को खंगालने के बजाय, इस एआइ से साधारण भाषा में सवाल पूछकर तुरंत जवाब पा सकेगा. इससे कंपनी के भीतर फैसले लेने की रफ्तार तेज होगी और कामकाज में पारदर्शिता आयेगी. डेटाब्रिक्स के एशिया पैसिफिक उपाध्यक्ष निक एयर्स और इंडिया एमडी कमलकांत तुम्मला ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में डेटा और एआई का इस्तेमाल अब जरूरत बन गया है और टाटा पावर का यह कदम भारत के अन्य उद्योगों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा. बदल जायेगा बिजली इस्तेमाल का तरीकाटाटा पावर अब इस नयी तकनीक के जरिए बिजली की खपत का सटीक पूर्वानुमान लगा सकेगी. इससे सोलर और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड के साथ जोड़ना आसान होगा. वहीं, बिलिंग सिस्टम में होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने और बिजली चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी. रूफटॉप सोलर लगाने वाले ग्राहकों और उद्योगों के लिए यह तकनीक एक ””गेम-चेंजर”” साबित होगी, क्योंकि उन्हें बिजली खपत का रियल-टाइम डेटा मिल सकेगा.
