जमशेदपुर. टाटा स्टील में बोनस की घोषणा हो गयी है. इसके बाद से ही शहर के ऑटो सेक्टर में बोनस को लेकर माहौल गरमा गया है. अब टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस के कर्मचारियों की निगाहें बोनस पर टिकी हैं. इस संबंध में सोमवार को दोनों यूनियनों की कमेटी बैठक होगी. इसमें बोनस को लेकर तय फॉर्मूले (उत्पादन, मुनाफा व क्वालिटी) और उससे जुड़े अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.
इसके बाद कंपनी प्रबंधन के साथ बोनस वार्ता को लेकर खाका भी तैयार किया जायेगा.टाटा कमिंस में लगातार तीसरे साल 20 प्रतिशत बोनस की हैट्रिक लगना लगभग तय माना जा रहा है. पिछले साल कमिंस के 773 कर्मचारियों के बीच 9.03 करोड़ रुपये बांटे गये थे. जिसमें कर्मचारियों को अधिकतम 1,41,537 और औसतन 1,17,081 रुपये बोनस के रूप में मिले थे.
वहीं, टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन पर साख बचाने का भारी दबाव है. पिछले वर्ष टाटा मोटर्स के स्थायी कर्मचारियों को महज 12.3% बोनस मिला था. जिससे औसत बोनस राशि 50,160 रुपये थी. कर्मियों को अधिकतम 75,223 रुपये मिला था, जो कमिंस के मुकाबले काफी कम थी.
इस बार टाटा मोटर्स के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी में अब एक भी बाई सिक्स (अस्थायी) कर्मी नहीं हैं. ऐसे में यूनियन को स्थायीकरण पर चर्चा नहीं करनी पड़ेगी. वहीं, कंपनी के डीमर्जर के बाद यह पहला बोनस समझौता है, इसलिए यूनियन का पूरा ध्यान सिर्फ बोनस राशि और प्रतिशत में बढ़ोतरी कराने पर है.
