Jamshedpur News : सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2026 : हर वार्ड में 31 मई तक तैनात होंगे लीड फेसिलिटेटर और नोडल ऑफिसर

पूर्वी सिंहभूम जिले में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन ने बुधवार को जिला मुख्यालय में समीक्षा बैठक की.

वार्डों में ही होगा कचरा पृथक्करण

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पूर्वी सिंहभूम जिले में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन ने बुधवार को जिला मुख्यालय में समीक्षा बैठक की. घंटाभर चले बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नियम के सफल संचालन के लिए प्रत्येक प्रखंड में संबंधित बीडीओ नोडल पदाधिकारी की भूमिका निभायेंगे इसके लिए जिला स्तर पर एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसकी मॉनिटरिंग विभाग के अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी की जायेगी. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आगामी 31 मई 2026 तक जिले के प्रत्येक वार्ड में ”लीड फेसिलिटेटर” का चयन अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाये. ये फेसिलिटेटर स्वच्छ भारत मिशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट फ्रेमवर्क के प्रचार-प्रसार की कमान संभालेंगे. इनका मुख्य कार्य आम जनता के बीच बैठकें और जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को स्रोत (सोर्स) स्तर पर ही कचरा पृथक्करण (सेग्रिगेशन) और उसके वैज्ञानिक निस्तारण के फायदों से अवगत कराना होगा.

बल्क वेस्ट जेनरेटर को रखने होंगे चार प्रकार के डस्टबिन

बैठक में प्रत्येक वार्ड के लिए नोडल ऑफिसर भी चिह्नित करने के निर्देश दिये गये हैं. इन वार्ड में नोडल अफसरों को अपने-अपने क्षेत्र में बल्क वेस्ट जेनरेटर (बीडब्ल्यूजी) – अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान, इकाइयों) की पहचान कर जून 2026 तक उनकी सूची उपलब्ध करानी होगी. इन बल्क वेस्ट जेनरेटरों को चार प्रकार के डस्टबिन रखने के लिए जागरूक और प्रेरित किया जायेगा. इससे सैनिटरी, गीला, सूखा और अन्य प्रकार के कचरे को शुरुआत में ही अलग-अलग किया जा सकेगा. स्थानीय स्तर पर एक ऐसा सिस्टम विकसित किया जायेगा, जिससे हाट-बाजारों में नियमित और वैज्ञानिक तरीके से कचरा संग्रहण एवं निष्पादन हो सके.

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस, सीओ को भूमि चिह्नित करने के निर्देश

उपायुक्त ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2026 में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों को लक्षित किया गया है. इसके सफल क्रियान्वयन के लिए उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी को अनिवार्य बताया. इसके साथ ही, उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिये.

बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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Author: RAJESH SINGH

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