सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना : अब 65 हजार हेक्टेयर भूमि में पटवन का लक्ष्य

सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना: अब 65 हजार हेक्टेयर पटवन का लक्ष्य

अब किसानों की डिमांड पर छोड़ा जायेगा पानी, पहले 15 जून था तय

पूर्वी सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिले के लाखों किसान को मिलेगी सौगात

मुख्य संवाददाता, जमशेदपुर

सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना से अब सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिले में किसानों व ग्रामीणों की डिमांड पर चांडिल डैम से पानी छोड़ा जायेगा. पहले 15 जून की तिथि तय थी. किसानों की जरूरत और पानी के सदउपयोग को ध्यान में रखते हुए परियोजना प्रशासन ने किसानों की डिमांड पर पानी छोड़ने का निर्णय लिया है. इस साल (वित्तीय वर्ष 2025-26) खरीफ व रबी फसल के लिए कुल 65 हजार हेक्टेयर भूमि में पटवन करने का नया लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है. जबकि गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 58.55 हजार हेक्टेयर भूमि में पटवन किया गया था.

गौरतलब हो कि सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना के तहत झारखंड, ओडिशा व बंगाल में 2.36 लाख हेक्टेयर भूमि पटवन करने का लक्ष्य है, इसमें केवल झारखंड में 1.23 लाख हेक्टेयर भूमि में पटवन किया जाना है. लेकिन प्रोजेक्ट में ईंचा डैम का निर्माण नहीं होने से लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है. वर्तमान में चांडिल बायीं मुख्य नहर व अन्य स्त्रोत से पटवन के लिए सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिले में खरीफ व रबी फसल के लिए खेतों में पानी पहुंचाया जा रहा है.

वर्जन…

आगामी 15 जून से खेतों में पानी देने की जरूरी तैयारी पूरी कर ली गयी है. हालांकि अबतक किसी गांव से किसानों का कोई डिमांड नहीं आया है. डिमांड आने पर ही चांडिल डैम से पानी छोड़ा जायेगा.

राम निवास प्रसाद, चीफ इंजीनियर, चांडिल कॉम्प्लेक्स सह ईंचा गालूडीह कॉम्प्लेक्स, सुवर्णरेखा बहुद्देश्यीय परियोजना.

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Author: KUMAR ANAND

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