– बिरसानगर पीएम आवास के लाभुकों का डीसी ऑफिस व जेएनएसी कार्यालय पर प्रदर्शन
– लाभुकों की चेतावनी- 30 अप्रैल तक चाबी नहीं मिली, तो करेंगे आंदोलन ———————————–फोटो ऋषि तिवारी
वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अपने आशियाने का सपना देख रहे लाभुकों के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया. जिस घर की चाबी दो साल में मिलनी थी, लेकिन लाभुक छह साल बाद भी दर-दर भटक रहे हैं. सैकड़ों लाभुकों ने डीसी कार्यालय और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद लाभुकों ने डीसी से मुलाकात की. डीसी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि 30 अप्रैल तक हर हाल में लाभुकों को गृह प्रवेश करा दिया जायेगा. इसके बाद लाभुकों ने प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक चाबी नहीं मिली, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. प्रदर्शन में मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. लाभुकों ने कहा कि वे सालों से बैंक की इएमआइ और मकान का किराया का दोहरा बोझ उठा रहे हैं. 2019 से खोखले वादे मिल रहे हैं. हमें अब और तारीखें नहीं चाहिए.
ब्लॉक 8 और 23 में 95% काम पूरा, वायरिंग व मीटर का काम शुरू
ब्लॉक नंबर-8 और 23 में निर्माण कार्य फिनिशिंग स्तर पर है. इन दो ब्लॉकों के 644 आवासों में से 294 लाभुकों ने अपनी पूरी राशि जमा कर दी है. ब्लॉक-8 में चार और ब्लॉक-23 में एक लिफ्ट लग चुकी है. घरों में बिजली मीटर लगाने का काम चल रहा है. बिजली विभाग ने 500 केवी के 8 ट्रांसफॉर्मर भी लगा दिये हैं. वर्तमान में स्लैग से अस्थायी अप्रोच रोड और पीवीसी पाइप से ड्रेन बनाया गया है. पेयजल के लिए दोनों ब्लॉकों में 2-2 बोरिंग की गयी है. वहीं, प्रशासन ने ब्लॉक 8 और 23 में ड्रेनेज सिस्टम को स्थायी रूप से दुरुस्त करने के लिए 50 लाख रुपये की विस्तृत योजना तैयार की है. हालांकि, इस काम को पूरा करने के लिए 5 महीने की समयसीमा तय की गयी है. साथ ही क्षेत्र में 26 स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है.
——————————-योजना एक नजर में
– बिरसानगर पीएम आवास के प्रति फ्लैट की लागत 6.81 लाख है. इसमें केंद्र सरकार का अंशदान 1.5 लाख और राज्य सरकार का अंशदान 1 लाख रुपये है. जबकि, प्रति फ्लैट लाभुक को 4.31 लाख रुपये देने हैं. – 23 फरवरी 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुड़िया मैदान में योजना का शिलान्यास किया था. इसे मार्च 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य था.– योजना के तहत 24 ब्लॉक में कुल 7372 फ्लैट का निर्माण होना है. अब तक 5366 आवासों की लॉटरी हो चुकी है, लेकिन लाभुकों को फ्लैट नहीं मिला है. परियोजना की कुल लागत 505 करोड़ रुपये है.
