नाबालिग को नौकरी का झांसा दे दिल्ली में बेचने की कोशिश, कोर्ट ने सुनायी ये सजा...

परसुडीह की नाबालिग बच्ची को नौकरी का झांसा देकर दिल्ली ले जाने और बेचने के प्रयास में डुमरिया निवासी निशा तीयू को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-5 मंजू कुमारी की अदालत ने दोषी करार दिया. कोर्ट ने उसे 20 साल कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.

जमशेदपुर : परसुडीह के लोको कॉलोनी की नाबालिग बच्ची को नौकरी का झांसा देकर दिल्ली ले जाने और बेचने का प्रयास करने के मामले में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-5 मंजू कुमारी की अदालत ने डुमरिया निवासी निशा तीयू को दोषी करार दिया. कोर्ट ने उसे 20 साल कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना की राशि जमा नहीं करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक बीरेंद्र कुमार ने कोर्ट में पैरवी की. मामला 3 दिसंबर 2025 का है.

नाबालिग की मां ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी

इस मामले में नाबालिग की मां ने परसुडीह थाना में निशा तीयू और अंजली कश्यप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जानकारी के अनुसार 3 दिसंबर 2025 को बच्ची परसुडीह लोको कॉलोनी से निकली थी. आरोपी निशा तीयू भी बस्ती में ही मुक्ता रजक के घर में किरायेदार के रूप में रहती थी. वह बच्ची को दिल्ली में नौकरी का झांसा देकर साथ ले गयी. इसके बाद उसे रांची में अपनी सहेली अंजली कश्यप के घर छोड़कर खुद वापस लौट गयी थी. बच्ची को दिल्ली ले जाने के क्रम में बोकारो रेल पुलिस ने उसे बरामद कर सीडब्लूसी को सौंप दिया था. बाद में परसुडीह थाना पुलिस ने बच्ची को बोकारो से बरामद कर मामले की जांच शुरू की. आरोपी निशा तीयू को गिरफ्तार कर जेल भेजी थी. निशा तीयू वर्तमान में घाघीडीह जेल में बंद है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shyam narayan jha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >