MGM में 15 दिनों से बंद हैं कई जरूरी जांच, मरीजों को बाहर खर्च करने पड़ रहे 300 से 900 रुपये

जमशेदपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल MGM में 15 दिनों से कई पैथोलॉजी जांचें बंद हैं. केमिकल की कमी के कारण गरीब और दूर-दराज के मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका खर्च बढ़ रहा है.

जमशेदपुर: कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में पिछले करीब 15 दिनों से कई जरूरी पैथोलॉजी जांच बंद हैं. अस्पताल में इलाज तो मुफ्त मिल रहा है, लेकिन जांच की सुविधा बंद होने से मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों को हो रही है. जिन जांचों के लिए अस्पताल में कोई पैसा नहीं लगता, उन्हीं के लिए अब मरीजों को 300 से 900 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं.

एमजीएम अस्पताल की ओपीडी में हर दिन करीब 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉक्टर मरीजों को थायराइड, विटामिन-डी, विटामिन-बी12, एनीमिया समेत कई जरूरी जांच लिख रहे हैं. लेकिन जब मरीज पैथोलॉजी काउंटर पहुंचते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि केमिकल (रीएजेंट) नहीं होने के कारण फिलहाल ये जांच नहीं हो रही हैं.

पैथोलॉजी विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, यहां हर दिन 400 से ज्यादा जांच होती हैं, लेकिन कई जरूरी जांच फिलहाल पूरी तरह बंद हैं. इससे मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है.

बाहर करानी पड़ रही जांच, जेब पर बढ़ा बोझ

एमजीएम अस्पताल में ये सभी जांच मुफ्त होती हैं. लेकिन निजी लैब में इन्हीं जांचों के लिए मरीजों को अच्छी-खासी रकम चुकानी पड़ रही है. आर्थिक तंगी की वजह से कई मरीज जांच नहीं करा पा रहे हैं, जिससे इलाज शुरू होने में देरी हो रही है.

इन जांचों के लिए बाहर देने पड़ रहे पैसे

जांचएमजीएम अस्पतालनिजी लैब में शुल्क
विटामिन-डीमुफ्त₹800
विटामिन-बी12मुफ्त₹600
थायराइड प्रोफाइलमुफ्त₹250 से ₹300
टीएसएचमुफ्त₹150
फ्री-टी3मुफ्त₹150
फ्री-टी4मुफ्त₹150
थैलेसीमिया और एनीमिया जांचमुफ्त₹900

पैसे नहीं हैं इसलिए जांच नहीं करा पा रहे

गोलमुरी के रहने वाले ओम प्रकाश ने बताया कि कमजोरी, थकान और हाथ-पैर में दर्द की शिकायत पर डॉक्टर ने थायराइड समेत कई जांच लिखी. लेकिन अस्पताल में जांच बंद होने की जानकारी मिली. बाहर जांच कराने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए इलाज आगे नहीं बढ़ पा रहा है.

मनोहरपुर की रहने वाली रेखा देवी ने बताया कि लगातार कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत पर डॉक्टर ने एनीमिया, थायराइड और विटामिन-बी12 की जांच लिखी. अस्पताल में ये जांच नहीं हो रही है. निजी लैब में जांच कराने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए परेशानी बढ़ गई है.

10 से 15 दिनों में फिर शुरू होगी जांच

एमजीएम अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि केमिकल खत्म होने के कारण कई जांच फिलहाल बंद हैं. वहीं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने कहा कि केमिकल की खरीद के लिए ऑर्डर दे दिया गया है. उम्मीद है कि 10 से 15 दिनों के भीतर सभी जरूरी केमिकल उपलब्ध हो जाएंगे. इसके बाद अस्पताल में सभी जांच फिर से शुरू कर दी जाएंगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By भूमि शर्मा

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >