प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ फैसला
Jamshedpur News :
सुंदरनगर थाना क्षेत्र के तालसा गांव में कथित सामाजिक बहिष्कार के मामले को लेकर मंगलवार को विशेष ग्रामसभा की बैठक आयोजित की गयी. प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई बैठक में आरोपों को निराधार पाया गया. बैठक की अध्यक्षता माझी बाबा दुर्गा चरण मुर्मू ने की. इसमें तोरोप पारगना बाबा दसमत हांसदा, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल पदाधिकारी तथा सुंदरनगर थाना प्रभारी भी उपस्थित थे. बैठक में शिकायतकर्ता मंगल हेंब्रम से आरोपों के संबंध में पूछताछ की गयी. इस दौरान ग्रामीणों और ग्रामसभा प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि गांव में किसी प्रकार का सामाजिक बहिष्कार नहीं किया गया और न ही किसी को धमकी दी गयी.चर्चा के बाद मंगल हेंब्रम ने स्वीकार किया कि उन्होंने दूसरों के बहकावे में आकर आवेदन दिया था. उन्होंने यह भी माना कि ग्रामसभा या गांव के किसी व्यक्ति ने उन्हें राजनीतिक दल बदलने अथवा गांव छोड़ने की धमकी नहीं दी थी. इसके बाद उन्होंने अपने सभी आरोप वापस लेते हुए ग्रामवासियों से माफी मांगी. ग्रामसभा ने भी उन्हें माफ कर दिया.बता दें कि तालसा गांव की मंगली मुर्मू और उनके पुत्र मंगल हेंब्रम ने उपायुक्त से शिकायत की थी कि गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार किया गया है.इस बैठक में मुख्य रूप से माझी बाबा बिरसिंह बास्के, सेनबसु हांसदा, रेंटा सोरेन, मदन मुर्मू, उकिल हांसदा, कारु मुर्मू, सुशील मुर्मू, दीपक मुर्मू, डेमका सोय, नायके हाबिराम मुर्मू, पारानिक सुकमन मुर्मू, गोडेत बाबलु मुर्मू, वकील हेंब्रम, भागवत मार्डी, जितेन हेंब्रम, रामचंद्र टुडू, रघुनाथ टुडू, वार्ड सदस्य सारोती हेंब्रम, लक्ष्मी हेंब्रम, हराधान हेंब्रम, दारोगा हेंब्रम, सुधीर बेसरा और राजिन हेंब्रम सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
