लोकसभा चुनाव 2024: जमशेदपुर में लगातार तीन बार कोई नहीं जीता, भाजपा झामुमो ने लगा दी ताकत

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर जमशेदपुर में भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं. लोकसभा चुनाव के लिए कार्यालय खुल गया है. बूथ कमेटियों का गठन हो रहा है.

लोकसभा चुनाव 2024| जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज : लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर जमशेदपुर में भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं. लोकसभा चुनाव के लिए कार्यालय खुल गया है. बूथ कमेटियों का गठन हो रहा है.

चुनावी सभाओं के लिए तिथियों पर मंथन शुरू कर दिया गया है. दूसरी ओर लगातार तीसरी बार भाजपा का प्रत्याशी दिल्ली नहीं पहुंचे, इसे लेकर मौखिक नारेबाजी करने वाला विपक्ष अभी तक यह तय नहीं कर पा रहा है कि जमशेदपुर लोकसभा से झामुमो का प्रत्याशी होगा या कांग्रेस का.

2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत चुके हैं विद्युत

2014 का चुनाव झाविमो की टिकट पर डॉ अजय कुमार ने लड़ा था, जिन्हें भाजपा प्रत्याशी विद्युत वरण महतो ने पराजित कर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया. कांग्रेस ने तत्कालीन मंत्री रहे जमशेदपुर पश्चिम के विधायक बन्ना गुप्ता को प्रत्याशी बनाया था.

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वर्ष 2019 के चुनाव में विपक्ष ने संयुक्त उम्मीदवार के रूप में झामुमो के वरीय नेता सह मौजूदा मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को मैदान में उतारा. लेकिन विद्युत वरण महतो ने अपने गुरु रहे चंपाई सोरेन को लगभग तीन लाख से अधिक मतों से पराजित कर लगातार दूसरी जीत दर्ज की.

कोल्हान में राजनीति गीता कोड़ा पर टिकी

राज्य में झामुमो, कांग्रेस व राजद का गठबंधन चल रहा है, जिसमें अब तक मजबूती भी दिख रही है. हालिया घटनाक्रम के बाद यह गठजोड़ और भी मजबूत हो गया है, इसके बावजूद झामुमो अब तक जमशेदपुर सीट को लेकर अडिग है.
किसी भी तरह की उलट-पलट होने की राजनीति हमेशा से संभावना बनी रहती है, जिसके क्रम में यह भी चर्चा है कि यदि सिंहभूम (चाईबासा) सीट से सांसद गीता कोड़ा भाजपा में जाती हैं, तो इस जमशेदपुर सीट में फेरबदल हो सकता है.

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कोल्हान में झामुमो-कांग्रेस की राजनीति गीता कोड़ा पर अटकी

ऐसी परस्थिति में कांग्रेस-झामुमो में दोनों सीटों को लेकर किसी तरह का समझौता हो सकता है. वैसे सिंहभूम सीट पर अपना उम्मीदवार देने के लिए झामुमो विधायकों के साथ कार्यकर्ता जोर लगाये हुए हैं, कोल्हान में झामुमो-कांग्रेस की पूरी राजनीति की सुई गीता कोड़ा पर टिकी है.

2011 के उपचुनाव में जीते थे झाविमो के डॉ अजय कुमार

झामुमो को यदि जमशेदपुर लोकसभा सीट मिल, तो वह आस्तिक महतो उर्फ बाबू भाई को उम्मीदवार बना सकती है. आस्तिक ने 2011 के उपचुनाव में आजसू के टिकट पर चुनाव लड़कर 80 हजार मत हासिल किये थे. इस उपचुनाव में डॉ अजय कुमार को झाविमो के टिकट पर जीत मिली थी.

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झामुमो व्यस्त, तो कांग्रेस ने मांगा आवेदन

झामुमो के नेता-कार्यकर्ता हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद जहां लगातार आंदोलन-बैठक और नये मंत्रिमंडल आदि में ही व्यस्त हैं, वहीं जमशेदपुर में कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से प्रत्याशियों के लिए आवेदन मांग कर सरगर्मी बढ़ा दी है.

डॉ अजय कुमार ने भी भले ही अपना आवेदन जमा कर दिया है, लेकिन वह पूरी तरह से यहां सक्रिय नहीं दिख रहे हैं. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सह मंत्री के साथ उनके रिश्ते सर्वविदित हैं, बावजूद इसके सबसे मजबूत दावेदारों में वही हैं. यह भी चर्चा है कि झामुमो जमशेदपुर सीट छोड़ने को तैयार नहीं है.

इस आधार पर जमशेदपुर लोकसभा सीट पर दावेदारी कर रहा झामुमो

झामुमो का दावा है कि जमशेदपुर की 6 लोकसभा में उसके पास 4 विधायक हैं, ऐसे में उन्हें सीट पर लड़ने का अधिकार है. झामुमो के नेता-कार्यकर्ता हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद जहां लगातार आंदोलन-बैठक और नये मंत्रिमंडल आदि में ही व्यस्त हैं, वहीं जमशेदपुर में कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से प्रत्याशियों के लिए आवेदन मांग कर सरगर्मी बढ़ा दी है.

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डॉ अजय कुमार ने भी भले ही अपना आवेदन जमा कर दिया है, लेकिन वह पूरी तरह से यहां सक्रिय नहीं दिख रहे हैं. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सह मंत्री के साथ उनके रिश्ते सर्वविदित हैं, बावजूद इसके सबसे मजबूत दावेदारों में वही हैं. यह भी चर्चा है कि झामुमो जमशेदपुर सीट छोड़ने को तैयार नहीं है. झामुमो का दावा है कि जमशेदपुर की छह लोकसभा में उसके पास चार विधायक हैं, ऐसे में उन्हें सीट पर लड़ने का अधिकार है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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