Kairav ​​Gandhi Kidnapping Case: जमशेदपुर पहुंचीं DGP तदाता मिश्रा, डोबो पुल तक कराया सीन रिक्रिएशन

Kairav ​​Gandhi Kidnapping Case: कैरव गांधी अपहरण मामले को जल्द सुलझाने के लिए डीजीपी तदाशा मिश्रा रविवार को जमशेदपुर पहुंचीं. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कैरव के घर से डोबो पुल तक सीन रिक्रिएशन कराकर अपराधियों के भागने के रूट को समझा.

Kairav ​​Gandhi Kidnapping Case: जमशेदपुर के चर्चित कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा रविवार को जमशेदपुर पहुंचीं. डीजीपी के शहर में पहुंचते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई. उन्होंने सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और अपहरण से जुड़े अब तक जुटाए गए साक्ष्यों की विस्तार से जानकारी ली. देवांग बिष्टुपुर के मशहूर कारोबारी हैं और उनके बेटे के अपहरण के बाद उनको 10 करोड़ रुपये की फिरौती के लिए कई बार कॉल भी आए. ये कॉल इंडोनेशिया से आए थे और पुलिस अब तक नंबर को ट्रैस नहीं कर पाई है.

घटनास्थल का किया निरीक्षण

डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम, समय और परिस्थितियों को लेकर सवाल-जवाब किए. उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि अपराधियों ने किन प्रकार इतने बड़े वारदात को अंजाम दिया और सुरक्षा में वैसी क्या चूक हुई, जिसका उन्होंने फायदा उठाया. इसके बाद वे एसएसपी आवास पहुंचीं, जहां मामले को लेकर हाई-लेवल मीटिंग आयोजित की गई.

हाई-लेवल मीटिंग में कड़े निर्देश

एसएसपी आवास पर हुई बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने एसएसपी पीयूष पांडेय समेत जांच में जुटे सभी वरीय अधिकारियों के साथ इस अपहरण वाले मामले पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने अपहरण मामले की हर कड़ी को जोड़ने और तकनीकी के साथ-साथ अन्य इनपुट्स पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए. बैठक में अनुसंधान से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.

डोबो पुल तक कराया गया सीन री-क्रिएशन

जांच में तेजी लाने के लिए डीजीपी ने पूरे घटनाक्रम का सीन री-क्रिएशन कराया. वे कैरव गांधी के घर से सर्किट हाउस, मरीन ड्राइव होते हुए डोबो पुल तक गईं. इस दौरान अपराधियों के संभावित भागने के रास्तों, ट्रैफिक मूवमेंट और आसपास के सीसीटीवी कवरेज को समझने का प्रयास किया गया. अधिकारियों ने डीजीपी को हर पॉइंट पर तकनीकी जानकारी दी.

कई बिंदुओं पर चल रही जांच

एसएसपी पीयूष पांडेय ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर एक साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीमें (SIT) बनाकर सभी सस्पेक्टेड ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस अपहरण कांड का खुलासा कर दिया जाएगा. डीजीपी की सक्रियता के बाद जांच की रफ्तार और तेज हो गई है, जिससे परिजनों और शहरवासियों में उम्मीद जगी है.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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