जमशेदपुर. भारत की दूसरी सबसे पुरानी फुटबॉल प्रतियोगिता ”जेएसए फुटबॉल लीग” का मंगलवार को जेआरडी टाटा कॉम्प्लेक्स में भव्य आगाज हुआ. जमशेदपुर स्पोर्टिंग एसोसिएशन (जेएसए) की मेजबानी में चलने वाले इस तीन महीने तक चलनेवाले टूर्नामेंट की शुरुआत प्रीमियर डिवीजन के मैच से हुई. उद्घाटन समारोह में जेएफसी के सीइओ मुकुल विनायक चौधरी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर लीग की शुरुआत की. मौके पर टाटा स्टील खेल विभाग के हेड कैप्टन मनीष सिन्हा, अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल कोच डॉ हसन इमाम मलिक, फिरोज खान, जेएसए सचिव वी रामाकृष्णा, एसबी सिंह, सागर मुखी, विक्टर सोम्या, बागुन बेसरा, मधुसूदन, प्रदीप मिश्रा, रोहित सिंह और नवीन सुंडी सहित कई खेल हस्तियां मौजूद थीं. पहले ही दिन मुकाबले का रोमांच देखने लगभग 2200 दर्शक स्टेडियम पहुंचे थे.
उद्घाटन मैच में टाटा मोटर्स ने क्लासिक एट लक्ष्मीनगर को रौंदा
जेएसए प्रीमियर डिवीजन फुटबॉल लीग के उद्घाटन मुकाबले में टाटा मोटर्स ने क्लासिक एट, लक्ष्मीनगर को 7-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी. मैच की शुरुआत से ही टाटा मोटर्स की टीम विपक्षी टीम पर पूरी तरह हावी रही. टाटा मोटर्स की ओर से दिनेश हेंब्रम (14वें व 58वें मिनट), रंजीत मार्डी (63वें व 68वें मिनट) और रोहित तिग्गा (75वें व 76वें मिनट) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो गोल दागे. वहीं, सोमाचंद हांसदा ने 48वें मिनट में एक गोल किया. क्लासिक एट टीम के लिए एकमात्र सांत्वना गोल बंटी मुखी ने 26वें मिनट में किया, जो केवल हार के अंतर को ही कम कर सका.
मैचों का प्रारूप और अहम आंकड़े
यह लीग शहर के पांच अलग-अलग मैदानों पर तीन डिविजनों (ए, सुपर और प्रीमियर) में खेली जायेगी. टूर्नामेंट के मुकाबले जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गोपाल मैदान, टिनप्लेट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, आर्मरी ग्राउंड व सुमंत मूलगावकर स्टेडियम में खेले जायेंगे.
टूर्नामेंट की मुख्य बातें
कुल मैच व टीमें:
तीनों डिवीजनों को मिलाकर कुल 168 मैच खेले जायेंगे, जिनमें 9 नॉकआउट मुकाबले शामिल हैं. लीग में कुल 37 टीमें हिस्सा ले रही हैं (ए डिवीजन में 15, जबकि सुपर व प्रीमियर डिवीजन में 11-11 टीमें).खिलाड़ी और रेफरी
: इस महाकुंभ में कुल 814 खिलाड़ी अपना दम दिखायेंगे. मैचों के सफल संचालन के लिए 60 रेफरी तैनात किये गये हैं, जिनमें 10 महिला रेफरी भी शामिल हैं.आर्थिक अनुदान: जेएसए द्वारा टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, जेएफसी यूथ और जेएफसी रिजर्व को छोड़कर शेष सभी 33 प्रतिभागी टीमों को पांच-पांच हजार रुपये का वित्तीय अनुदान दिया जाता है.
गौरवशाली इतिहास
वर्ष 1922 में सर दोराबजी टाटा ने की थी शुरुआत
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के दस्तावेजों के अनुसार, इस ऐतिहासिक लीग की शुरुआत वर्ष 1922 में सर दोराबजी टाटा ने जमशेदपुर एथलेटिक्स क्लब और जेएसए की स्थापना के साथ की थी. अपने गौरवशाली 104 वर्ष पूरे कर चुकी यह प्रतियोगिता कोलकाता फुटबॉल लीग (1898) के बाद देश की दूसरी सबसे पुरानी फुटबॉल लीग है.