जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट
LPG Cylinder Crisis: झारखंड के जमशेदपुर में टाटा कमिंस में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण कैंटीन की व्यवस्था चरमरा गयी है. कंपनी ने 15 मार्च (रविवार) से 17 मार्च (मंगलवार) तक के लिए एक संशोधित साप्ताहिक भोजन चार्ट जारी किया है. इसमें रोटी की जगह चावल और कम गैस लेने वाले व्यंजनों को प्रमुखता दी गयी है. गैस की कमी का सीधा असर अब कर्मचारियों के खान-पान पर पड़ा है. प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर कैंटीन से ‘रोटी’ को पहले ही पूरी तरह से हटा दिया था. रोटी बनाने में गैस की खपत अधिक होती है. जिसे बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है. अब कंपनी प्रबंधन ने तीन दिनों का ‘क्राइसिस मेन्यू’ जारी ( रविवार से 17 मार्च तक ) किया है. टाटा कमिंस में रविवार को भी सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा है.
गैस बचाने की जुगत में प्रबंधन
सूत्रों के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति में आई बाधा की वजह से कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा है. कंपनी के नोटिस बोर्ड पर भी नये मेन्यू की जानकारी चस्पा कर दी गयी है. हालांकि चावल और दाल के विकल्प खुले रखे गये हैं, लेकिन रोटी के शौकीन कर्मचारियों को फिलहाल तीन दिनों तक चावल या पोहा से ही संतोष करना पड़ेगा.
जल्द सामान्य होगी स्थिति
प्रबंधन की ओर से संकेत दिये गये हैं कि जैसे ही गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य होगी. कैंटीन में रोटियां फिर से बनने लगेंगी.फिलहाल कर्मचारियों से इस आपात स्थिति में सहयोग की अपील की गयी है. कंपनी के कर्मचारियों (स्थायी और प्रशिक्षु) को आमतौर पर दोनों शिफ्ट में रोटी, चावल, दाल, सब्जी, सलाद और दही मिलती हैं. इसके लिए वे प्रतिमाह 60 रुपये चुकाते हैं.
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टाटा कमिंस में तीन दिनों का मेन्यू
- आज (रविवार) 15 मार्च : नाश्ते में चूड़ा पोहा और मुख्य भोजन में अरवा चावल के साथ मूंग/मसूर दाल, लाल चना ग्रेवी और बूंदी रायता
- सोमवार 16 मार्च : सुबह आलूचोप-घुघनी, दोपहर और रात में अरवा चावल के साथ लौकी चना दाल और साग-आलू.
- मंगलवार 17 मार्च : नाश्ते में इडली-सांभर, जबकि भोजन में जीरा राइस के साथ सोया मटर और चोखा.
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