पलासबनी में आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर में आरबीआइ के क्षेत्रीय निदेशक ने दी जानकारी
मौके पर ही बैंक ग्राहकों के 110 खातों का री-केवाइसी किया गया
jamshedpur news :
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के ””वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026”” के तहत मंगलवार को पलासबनी में जिला स्तरीय जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया. इस वर्ष का मुख्य विषय “केवाइसी, सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम ” रखा गया है. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आरबीआइ के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह उपस्थित थे. उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि वित्तीय समावेशन संतृप्तीकरण अभियान के तहत रांची क्षेत्रीय कार्यालय के समन्वित प्रयासों से झारखंड ने री-केवाइसी उपलब्धि में 51 प्रतिशत से अधिक सफलता प्राप्त की है. इस प्रदर्शन के साथ झारखंड ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर एक मिसाल पेश की है. उन्होंने कहा कि आरबीआइ वर्ष 2016 से निरंतर इस सप्ताह का आयोजन कर रहा है. इस वर्ष तीन प्रमुख उप-विषयों-केवाइसी के मूलभूत सिद्धांत, केंद्रीय केवाइसी रजिस्ट्री और अकाउंट हाइजीन (खाते का उचित उपयोग) पर बल दिया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवाइसी केवल एक नियामक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुरक्षित और पारदर्शी वित्तीय तंत्र की आधारशिला है. सेंट्रल केवाइसी जैसी सुविधाओं से अब यह प्रक्रिया और भी सुगम हो गयी है. वहीं, अग्रणी जिला प्रबंधक (पूर्वी सिंहभूम) संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर ही बैंक ग्राहकों के 110 खातों का री-केवाइसी संपन्न किया गया. यह अभियान पूरे वर्ष जारी रहेगा, ताकि आम जनता को सुरक्षित बैंकिंग के प्रति जागरूक किया जा सके.कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बैंक ऑफ इंडिया (जमशेदपुर अंचल) के आंचलिक प्रबंधक पंकज कुमार मिश्रा, एसबीआइ के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव रंजन, बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कुमार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक संजीत कुमार और केनरा बैंक की मुख्य प्रबंधक पुष्पा प्रसाद उपस्थित थीं. अधिकारियों ने मुद्रा प्रबंधन, महंगाई नियंत्रण और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में आरबीआइ की भूमिका पर भी प्रकाश डाला.
