पुलिस रिकॉर्ड में फरार महिला चुनावी मैदान में, जमशेदपुर के मानगो से ठोक रहीं ताल

Jharkhand Civic Polls: झारखंड नगर निकाय चुनाव में जमशेदपुर के मानगो वार्ड 32 से फरार ममता देवी के चुनाव लड़ने का मामला सामने आया है. पुलिस रिकॉर्ड में फरार ममता देवी और उनके पति के खिलाफ गैर जमानती वारंट, धारा 82-83 और कुर्की नोटिस जारी है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

Jharkhand Civic Polls: नगर निकाय चुनाव में जमशेदपुर पुलिस के रिकॉर्ड में फरार चल रही ममता देवी मानगो नगर निगम के वार्ड नंबर 32 से वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ रही हैं. ममता देवी पर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है और वे लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. इसके बावजूद उनका नाम चुनावी मैदान में होना कई सवाल खड़े कर रहा है.

पति समेत वर्षों से फरार है आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ममता देवी और उनके पति विनय सिंह पिछले कई वर्षों से फरार चल रहे हैं. जमशेदपुर कोर्ट की ओर से दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा चुका है. इतना ही नहीं, कोर्ट की ओर से धारा 82 और 83 कार्रवाई और कुर्की-जब्ती का आदेश जारी है. उनके खिलाफ संपत्ति जब्ती से संबंधित नोटिस भी जारी है.

मामला अभी भी न्यायालय में लंबित

यह आपराधिक मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है. केस की अगली सुनवाई की तिथि 25 फरवरी तय की गई है. इसके बावजूद चुनाव प्रक्रिया के दौरान आरोपी महिला का नामांकन और चुनाव लड़ना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है.

2015 में दर्ज हुआ था केस

जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब 11 साल पुराना है. वर्ष 2015 में जमशेदपुर के तत्कालीन डीएसपी अशोक कुमार सिंह ने ममता देवी और उनके पति विनय सिंह के खिलाफ शिकायतवाद दर्ज कराया था. यह मामला ट्रक के चक्का समेत अन्य उपकरणों की खरीद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. आरोप है कि इस खरीद प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता की गई थी.

महिला के पति ने आरोप पर दी सफाई

इधर, ममता देवी के पति विनय सिंह ने पूरे मामले को लेकर सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि शिकायतकर्ता अशोक कुमार सिंह को वह काफी राशि लौटा चुके हैं. विनय सिंह का दावा है कि भुगतान से जुड़े प्रमाण उनके पास मौजूद हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राशि अभी बकाया है, जिसे लौटाने को लेकर शिकायतकर्ता से बातचीत हो चुकी है.

इसे भी पढ़ें: कमीशन के पैसों से मौज करते थे इंजीनियर साहब! ईडी ने जब्त कर ली संपत्ति

भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े हैं विनय सिंह

गौरतलब है कि विनय सिंह वर्तमान में भाजपा किसान मोर्चा के सरायकेला-खरसावां जिला प्रभारी के पद पर हैं. ऐसे में राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं. फरार घोषित दंपती से जुड़े इस चुनावी मामले ने झारखंड के शहरी निकाय चुनाव की पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इसे भी पढ़ें: असम में हिमंता को टक्कर देने की तैयारी में जुटे हेमंत, विधानसभा की 35-40 सीटों पर झामुमो की नजर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >