जमशेदपुर में जल संकट: 2,680 चापाकलों को दुरुस्त करने का लक्ष्य, प्रशासन ने गर्मी के लिए कसी कमर

Jamshedpur Handpump Repair: जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में पारा बढ़ने के साथ ही नगर निकायों ने पानी की समस्या दूर करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जिले के आठ ब्लॉकों में 2,680 चापाकलों की मरम्मत का लक्ष्य रखा है. मानगो नगर निगम और जेएनएसी भी अपने स्तर पर खराब बोरिंग और चापाकलों को ठीक करने में जुटे हैं, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए न भटकना पड़े.

Jamshedpur Handpump Repair, जमशेदपुर (अशोक झा की रिपोर्ट): जमशेदपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निकायों और पेयजल विभाग ने व्यापक योजना तैयार की है. पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 2,680 चापाकलों की साधारण मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह अभियान मुख्य रूप से मई 2026 से जनवरी 2027 के बीच चलाया जाएगा.

ब्लॉकवार मरम्मत की योजना: घाटशिला और बहरागोड़ा पर विशेष ध्यान

विभाग ने जनसंख्या को देखते हुए मरम्मत कार्य का विभाजन किया है. गोलमुरी सह जुगसलाई, घाटशिला, चाकुलिया और बहरागोड़ा ब्लॉक में 420-420 चापाकलों की मरम्मत की जाएगी. वहीं, मुसाबनी, डुमरिया, धालभूमगढ़ और गुड़ाबांदा ब्लॉकों के लिए 220-220 चापाकलों का लक्ष्य रखा गया है. विभाग की कोशिश है कि गर्मी के चरम पर पहुंचने से पहले ही अधिकतम चापाकलों को चालू कर दिया जाए.

मानगो: सुकना बस्ती में 1000 लोगों को मिली राहत

मानगो नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 168 चापाकल हैं. हालांकि मरम्मत के लिए स्थायी एजेंसी का चयन अभी प्रक्रिया में है, लेकिन निगम प्रशासन वैकल्पिक माध्यमों से कार्य चला रहा है. रविवार को मानगो के वार्ड नंबर 9, सुकना बस्ती में खराब पड़े डीप बोरिंग का मोटर त्वरित कार्रवाई करते हुए बदल दिया गया, जिससे करीब 1000 लोगों को पानी की किल्लत से निजात मिली. जिन क्षेत्रों में समस्या अधिक है, वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है.

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जेएनएसी: 48 घंटे में शिकायत समाधान का दावा

जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के अंतर्गत आने वाले 650 चापाकलों की निगरानी के लिए विशेष टीम बनाई गई है. जेएनएसी का दावा है कि किसी भी चापाकल के खराब होने की सूचना मिलने पर 24 से 48 घंटे के भीतर उसे दुरुस्त कर दिया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जल संकट को लेकर किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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Published by: Sameer Oraon

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