गुहियापाल की सब्जियां पहुंच रहीं पश्चिम बंगाल और ओड़िशा, कोल्ड स्टोर नहीं होने से किसान परेशान

झारखंड के गुहियापाल में किसान बड़े पैमाने पर सब्जी उगा रहे हैं, लेकिन कोल्ड स्टोर की कमी से उन्हें अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।

बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड के गुहियापाल क्षेत्र में किसान बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती कर अपनी मेहनत से क्षेत्र को सब्जी उत्पादन का केंद्र बनाने में जुटे हैं. इस वर्ष क्षेत्र में 300 बीघा से अधिक जमीन पर सब्जी की खेती की गयी है. किसानों द्वारा मुख्य रूप से खीरा, करेला और झिंगा समेत विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है.

गुहियापाल में उत्पादित सब्जियों की मांग झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और ओड़िशा में भी है. ओड़िशा तथा स्थानीय व्यापारी गांव में ही मंडी लगाकर किसानों से सब्जियों की थोक खरीदारी करते हैं. इसके बाद सब्जियों को पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के विभिन्न बाजारों में भेजा जाता है. इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज बेचने की सुविधा मिलती है.

कोल्ड स्टोर की कमी से किसानों को नुकसान

किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या सब्जियों के भंडारण की है.क्षेत्र में अब तक कोल्ड स्टोर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को अपनी उपज तत्काल बाजार में बेचनी पड़ती है. बाजार में मांग कम होने या कीमत गिरने की स्थिति में किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर सब्जियां बेचनी पड़ती हैं. कई बार उन्हें लागत के मुकाबले काफी कम दाम मिलने से नुकसान उठाना पड़ता है.

सरकारी सुविधा मिले तो बढ़ सकता है उत्पादन: किसानों का कहना है कि क्षेत्र की मिट्टी और किसानों की मेहनत के कारण यहां बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादन की क्षमता है. यदि किसानों को समय पर सिंचाई, बीज, कृषि उपकरण, भंडारण और बाजार की उचित सुविधा उपलब्ध करायी जाय, तो गुहियापाल क्षेत्र से बड़े पैमाने पर सब्जियों की आपूर्ति राज्य के विभिन्न हिस्सों में की जा सकती है. किसानों ने सरकार और कृषि विभाग से क्षेत्र में कोल्ड स्टोर का निर्माण कराने तथा सब्जी उत्पादकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.

क्या कहते हैं किसान: किसानों का कहना है कि यदि गुहियापाल क्षेत्र में कोल्ड स्टोर का निर्माण हो जाय, तो सब्जियों को कुछ समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा. इससे किसान बाजार में बेहतर कीमत मिलने का इंतजार कर अपनी उपज बेच सकेंगे और उन्हें औने-पौने दाम पर सब्जियां बेचने की मजबूरी नहीं होगी.


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By Prabhat khabar news desk

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