धालभूमगढ़ प्रखंड परिसर में ग्राम पंचायत सहजकर्ता दल के दो दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत प्रखंड प्रमुख देवला हांसदा ने दीप जलाकर की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) गांवों के विकास के लिए बहुत जरूरी है. लोगों की भागीदारी से बनाई गई योजनाओं से पंचायतों का बेहतर और लगातार विकास हो सकता है.
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना बनाने के बारे में जानकारी दी गई. इसमें गांव की जरूरतों को पहचानना, ग्रामसभा की भूमिका, जरूरी योजनाओं का चयन, सरकारी योजनाओं को जोड़ना और उपलब्ध साधनों का सही उपयोग करने के बारे में बताया गया.
योजना बनाने के तरीकों के बारे में दी जानकारी
प्रशिक्षकों ने आसान तरीके से समझाया कि योजना कैसे बनाई जाती है और उसे मंजूरी मिलने तक किन बातों का ध्यान रखना होता है. साथ ही बताया गया कि गांव के लोगों को शामिल कर बनाई गई योजनाएं ज्यादा बेहतर और असरदार होती हैं.
इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत सहजकर्ता दल के सदस्य, मुखिया, पंचायत सचिव, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन प्रखंड समन्वयक सोनी हेंब्रम के मार्गदर्शन में किया गया.
प्रशिक्षण में मुखिया मास्टर ट्रेनर कान्हू मुर्मू, राकेश चंद्र मुर्मू, निताई मुंडा और सिनगो मुर्मू ने अलग-अलग विषयों पर जानकारी दी. इस दौरान प्रतिभागियों ने पंचायत विकास से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए.
