जमशेदपुर : केंद्र सरकार के एमएमडीआर (खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 और अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. मंगलवार को बिष्टूपुर स्थित तिलक पुस्तकालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा - यह लड़ाई झारखंड के जल, जंगल, जमीन, संघीय ढांचे की रक्षा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की है.
बन्ना ने चरणबद्ध आंदोलन का किया एलान
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने चरणबद्ध आंदोलन का एलान करते हुए कहा - 27 अगस्त को जमशेदपुर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र सौंपा जायेगा. इसके बाद 7 सितंबर को रांची स्थित राजभवन के समक्ष राज्यस्तरीय महाधरना और 9 से 16 सितंबर तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया जायेगा. प्रेस वार्ता की अध्यक्षता जिला कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने की. इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता राकेश तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता प्रताप यादव, प्रदेश सचिव ब्रजेंद्र तिवारी, राजकिशोर यादव, राजीव मिश्रा, रामलाल प्रसाद पासवान, राजा सिंह राजपूत, संजय तिवारी, मकसूद आलम और अली रजा खान सहित अन्य कांग्रेसी नेता उपस्थित थे.
खनिज संपदा पर राज्य का हक, कॉरपोरेट हित साध रही केंद्र सरकार
बन्ना गुप्ता ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक को काला कानून करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को छीनकर झारखंड की खनिज संपदा अपने कॉरपोरेट मित्रों (अंबानी-अडानी) को सौंपना चाहती है. उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य के भाजपा सांसदों ने इस जनविरोधी कानून पर चुप्पी क्यों साध रखी है? केंद्र सरकार हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने के हथकंडे अपना रही है, लेकिन यह मंशा पूरी नहीं होगी. खनिज रॉयल्टी से ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाएं चलाती है. यदि पार्टी ने निर्णय लिया तो राज्य हित में आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम से भी पीछे नहीं हटेंगे.
राम मंदिर चढ़ावे का हो निष्पक्ष फोरेंसिक ऑडिट
श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पूर्व मंत्री ने कहा - भाजपा का दोहरा चरित्र बेनकाब हो चुका है. पहले मां गंगा को ठगा और अब आस्था के नाम पर चढ़ावे में अनियमितताएं हो रही हैं. एसआईटी जांच में सामने आयी विसंगतियों, संदिग्ध घटनाओं और 200 किलो चांदी की ईंटों के रिकॉर्ड का सच सार्वजनिक होना चाहिए. उन्होंने मंदिर के चढ़ावे और बहुमूल्य वस्तुओं का सीएजी या स्वतंत्र एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
