CBSE 10th Result: 4 साल की उम्र में सिर से उठा मां का साया, पिता ने संभाला और बेटी ने 10वीं में किया कोल्हान टॉप

CBSE 10th Result: जमशेदपुर की बेटी ने रचा इतिहास! सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में 98.6% अंक लाकर जंपना श्रेया ने कोल्हान का मान बढ़ाया है. खास बात यह है कि श्रेया ने बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ स्कूल और यूट्यूब की मदद से यह मुकाम पाया है. बचपन में ही मां को खोने वाली श्रेया की सफलता के पीछे उनके पिता का त्याग और उनकी अपनी कड़ी मेहनत है. पढ़ें, कैसे एक साधारण परिवार की बेटी ने असाधारण सफलता हासिल की.

CBSE 10th Result, जमशेदपुर (संदीप कुमार): जमशेदपुर की जंपना श्रेया ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक हासिल कर कोल्हान क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है. श्रेया की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी तैयारी के लिए किसी भी ट्यूशन या कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया. उन्होंने पूरी तरह स्कूल की पढ़ाई और डिजिटल प्लेटफार्म (यूट्यूब) पर भरोसा किया. उनके शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए महंगे संसाधनों से ज्यादा जरूरी अनुशासन और आत्मविश्वास है.

विषयवार अंकों में दिखा श्रेया का दबदबा

श्रेया के अंकों का गणित उनकी मेहनत की गवाही देता है. उन्होंने आईटी (IT) में पूरे 100 अंक हासिल किए हैं, जबकि गणित में 99 और साइंस में 98 अंक प्राप्त किए. इंग्लिश में उन्हें 96 और हिंदी में 92 अंक मिले. हालांकि बोर्ड आधिकारिक टॉपर की घोषणा नहीं करता, लेकिन अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार श्रेया कोल्हान की टॉपर बनकर उभरी हैं.

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मां के बिना बिताया बचपन, पिता बने प्रेरणा

श्रेया की सफलता का सफर आसान नहीं रहा. जब वह मात्र चार साल की थीं, तभी उनकी माता का देहांत हो गया था. उनके पिता, जंपना रवि वर्मा ने अकेले ही श्रेया की परवरिश की और मां-पिता दोनों का फर्ज निभाया. विशाखापट्टनम के रहने वाले और जमशेदपुर में कार रेंटल का व्यवसाय करने वाले रवि वर्मा अपनी बेटी की इस कामयाबी पर भावुक हैं. श्रेया अब आगे चलकर एक सफल आईआईटीयन (IITian) बनने का सपना देख रही हैं.

बिना कोचिंग के ऐसी रही ‘टॉपर’ की दिनचर्या

अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए श्रेया ने बताया कि वह स्कूल की पढ़ाई को घर पर दोहराती थीं. वह रोजाना दो घंटे गणित का अभ्यास करती थीं और तनाव दूर करने के लिए संगीत का सहारा लेती थीं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और अपने पिता के अटूट विश्वास को दिया है. श्रेया फिलहाल अपने पैतृक स्थान विशाखापट्टनम में हैं, लेकिन उनकी सफलता की गूंज पूरे कोल्हान में सुनाई दे रही है.

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Published by: Sameer Oraon

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