जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट
BIS Raid in Dhanbad, जमशेदपुर : औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में नकली लेबल और मार्किंग का खेल खेलने वाले जालसाजों के खिलाफ भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एक बड़ी कार्रवाई की है. भारतीय मानक ब्यूरो, जमशेदपुर शाखा कार्यालय की टीम ने धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत नाग नगर, बगुला बस्ती स्थित ‘एमएस कुमार वाटर सॉल्यूशन’ के परिसर में औचक छापेमारी (Raid) की. यह फर्म बिना किसी वैध और आधिकारिक बीआइएस लाइसेंस के पैकेज्ड पेयजल (Packaged Drinking Water) पर अवैध और अनधिकृत रूप से आइएसआइ (ISI) मार्क का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से बाजार में पानी की सप्लाई कर रही थी.
विश्वसनीय सूचना पर बनी स्पेशल टीम, प्लांट में दी दबिश
इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक बीआइएस जमशेदपुर शाखा के निदेशक एवं प्रमुख कुनाल कुमार को मिली थी. उन्हें अपने सूत्रों से इस अवैध प्लांट के संचालन की बेहद विश्वसनीय और पुख्ता जानकारी प्राप्त हुई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए निदेशक ने तुरंत एक उच्चस्तरीय विशेष टीम का गठन किया, जिसमें संयुक्त निदेशक दिलीप चट्टर, राहुल कुमार और वरिष्ठ सचिवालय सहायक आनंद कुमार शामिल थे. इस विशेष टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए सरायढेला स्थित प्लांट में अचानक दबिश दी और व्यापक तलाशी व जब्ती अभियान (Search and Seizure Operation) शुरू कर दिया.
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‘एक्वा प्लस’ ब्रांड के नाम पर हो रहा था बड़ा खेल
जब अधिकारियों ने प्लांट के भीतर गहन जांच की, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए. यह फर्म ‘एक्वा प्लस’ ब्रांड नाम से पैकेज्ड पेयजल तैयार कर रही थी और बोतलों पर नकली आइएसआइ मार्क लगाकर उसे असली के तौर पर बाजार में खपा रही थी. मौके से अधिकारियों ने भारी मात्रा में अवैध और नकली सामग्रियां बरामद कीं, जिसमें एक लीटर क्षमता वाली पानी की कुल 1,296 बोतलें (लगभग 108 केस) शामिल है. इसके अलावा पैकेजिंग के लिए तैयार किए गए 12 हजार पीस नकली लेबल बरामद किए गए, जिन पर अवैध रूप से आइएसआइ मार्क छापा गया था. बीआइएस की टीम ने इन सभी सामग्रियों को कानूनन अपने कब्जे में लेकर प्लांट को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
उल्लंघन पर 2 साल की जेल और भारी जुर्माना
कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए संयुक्त निदेशक दिलीप चट्टर ने बताया कि पैकेज्ड पेयजल पूरी तरह से ‘आइएस 14543:2024’ मानक (Standard) के तहत आता है. कानून के मुताबिक, बिना किसी वैध लाइसेंस के इस मानक का उपयोग करना या उत्पादों पर आइएसआइ मार्क छापना बीआइएस अधिनियम 2016 की धारा 17 का सीधा और गंभीर उल्लंघन है. इस अधिनियम के तहत बिना निबंधन और अवैध मार्किंग का दोषी पाए जाने पर फर्म के मालिकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो वर्ष तक की जेल, भारी जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. बीआइएस की इस कार्रवाई से धनबाद और आस-पास के क्षेत्रों में नकली और असुरक्षित खाद्य व पेय पदार्थों का धंधा करने वाले मिलावटखोरों और जालसाजों के बीच हड़कंप मच गया है.
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