जमशेदपुर : बारीडीह त्रिवेणी वाटिका निवासी शिबेंदू राय ने 18 अगस्त से अपनी 21 दिवसीय पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू कर दी है. महज पांच वर्ष की उम्र में अपने पिता से मानसरोवर के आध्यात्मिक और अलौकिक रहस्य के बारे में जानने के बाद से ही उनके मन में भक्ति और आस्था का दीप प्रज्वलित हुआ था. शिबेंदू राय का मानना है कि कैलाश यात्रा केवल एक धार्मिक स्थल की यात्रा नहीं, बल्कि स्वयं की खोज का एक मार्ग है.
लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं आध्यात्मिक रहस्य
वे इस पावन आध्यात्मिक रहस्य को जन-जन तक पहुंचाना चाहते हैं, ताकि लोगों के लिए कैलाश मानसरोवर जाना केवल एक अधूरा स्वप्न न रहे, बल्कि जीवन की एक साकार सच्चाई बन सके. यात्रा पूर्ण करने के बाद वे आठ सितंबर को जमशेदपुर लौटेंगे. शिबेंदू राय ने बताया - यात्रा से लौटने के बाद वे एक विशेष संगठन का गठन करेंगे. इस संगठन के माध्यम से वे उन सभी श्रद्धालुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों को एक मंच पर जोड़ेंगे, जो भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास, निष्ठा और भक्ति भाव रखते हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिव भक्तों को कैलाश यात्रा के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करना होगा.
आध्यात्मिक संगठन से आम लोगों को जोड़ेंगे
18 से 20 अगस्त को काठमांडू आगमन, पशुपतिनाथ, गुह्येश्वरी शक्तिपीठ व जल नारायण दर्शन के बाद बस से टिमुरे प्रस्थान करेंगे. 21 से 23 अगस्त से चीन (तिब्बत) सीमा पार कर केरुंग प्रवेश, फिर सागा आगमन व एक्लिमेटाइजेशन के लिए विश्राम करेंगे. 24 व 25 अगस्त मानसरोवर झील आगमन, पवित्र पर्वत के प्रथम दर्शन, वाहन से परिक्रमा व दारचेन बेस कैंप आगमन. 26 से 28 अगस्त यम द्वार से परिक्रमा शुरू (डेराफुक 15 किमी), गौरी कुंड दर्शन संग जुथुलपुक (18 किमी) कठिन ट्रेक, परिक्रमा पूर्ण कर सागा वापसी. 29 व 30 अगस्त केरुंग होते हुए काठमांडू वापसी. 31 अगस्त से सात सितंबर मुक्तिनाथ व अष्टपद यात्रा के दर्शन के बार आठ सितंबर को लौटेंगे.
आठ सितंबर को लौटेंगे जमशेदपुर
यात्रा पूर्ण करने के बाद वे आठ सितंबर को जमशेदपुर लौटेंगे. शिबेंदू राय ने बताया कि यात्रा से लौटने के बाद वे एक विशेष संगठन का गठन करेंगे. इस संगठन के माध्यम से वे उन सभी श्रद्धालुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों को एक मंच पर जोड़ेंगे, जो भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास, निष्ठा और भक्ति भाव रखते हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिव भक्तों को कैलाश यात्रा के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करना होगा.
