जमशेदपुर. सिदगोड़ा थानांतर्गत एग्रिको मेन रोड पर रविवार को ट्रेलर की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत के मामले में सोमवार को परिजन मुआवजे के लिए सिदगोड़ा थाना पहुंचे. परिजन करीब चार घंटे तक थाना में बैठे रहे, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया. बाद में समाज के लोगों ने आपस में आर्थिक मदद कर दोनों शवों को सड़क मार्ग से राजस्थान के बीकानेर भेजा.
हादसे के बाद दीपाराम के भाई रामचंद्र के बयान पर ट्रेलर चालक के खिलाफ तेजी और लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया. पुलिस ने चालक को घटनास्थल से ही हिरासत में लिया था. हालांकि, मामले में लगी धाराएं जमानती होने के कारण चालक को थाने से ही बेल दे दिया गया.
बताया जाता है कि पिता-पुत्र की मौत के बाद परिजन और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव सिदगोड़ा थाना पहुंचे थे. पुलिस से बातचीत के दौरान गाड़ी मालिक जितेंद्र रजक को फोन कर थाना आने को कहा गया. जितेंद्र ने पहले थाना आने की बात कही, लेकिन बाद में फोन बंद कर लिया. कुछ देर बाद पुलिस ने पता लगाकर बताया कि तबीयत खराब होने के कारण जितेंद्र ब्रह्मानंद अस्पताल में भर्ती हो गया है.
दोनों शवों को गांव ले जाने में नहीं मिली मदद
दीपाराम के परिजनों ने बताया कि वे दोनों शवों को उनके गांव बीकानेर पहुंचाने में मदद मांगने थाना पहुंचे थे. लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली. इसके बाद समाज के लोगों ने आर्थिक सहयोग जुटाया और दोनों शवों को सड़क मार्ग से बीकानेर भेजा.
सोमवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शवों को राजस्थान के बीकानेर स्थित पैतृक गांव लेकर रवाना हो गये. समाज के लोगों ने आर्थिक सहयोग कर शवों को बीकानेर भेजने में मदद की.
स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड की मांग
विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव ने कहा कि जिस जगह पर घटना हुई है, वहां आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं. उक्त स्थान पर न तो स्पीड ब्रेकर है और न ही गति सीमा से संबंधित साइन बोर्ड है. उन्होंने जिला प्रशासन से वहां स्पीड ब्रेकर और स्पीड लिमिट का साइन बोर्ड लगाने की मांग की है.
