पटमदा में किसानों की एग्री स्मार्ट विलेज का उद्घाटन, खेती-बाड़ी की योजनाओं को लगेंगे पंख

एग्री स्मार्ट ग्राम योजना की परिकल्पना राज्य सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना साबित हो रही है. लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों द्वारा उनके क्षेत्र के किसी एक गांव को एग्री स्मार्ट विलेज के रूप में चयन का अधिकार दिया गया था.

पटमदा (पूर्वी सिंहभूम), दिलीप पोद्दार : पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड के खेडुआ पंचायत के खेडुआ ग्राम में चयनित एग्री स्मार्ट विलेज का रविवार को सांसद विद्युत वरण महतो ने उद्घाटन किया. समारोह का आयोजन खेडुआ हरि मंदिर प्रांगण में किया गया. उद्घाटन कार्यक्रम में काफी संख्या में ग्रामवासी, पंचायत के मुखिया, जिला परिषद सदस्य समेत संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे. एग्री स्मार्ट ग्राम योजना के तहत सामुदायिक संसाधन व्यक्ति का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया गया.

पूर्वी सिंहभूम में और पांच एग्री स्मार्ट विलेज का होगा निर्माण

जिले में पांच और एग्री स्मार्ट विलेज का निर्माण किया जाना है. एग्री स्मार्ट ग्राम योजना की परिकल्पना राज्य सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना साबित हो रही है. लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों द्वारा उनके क्षेत्र के किसी एक गांव को एग्री स्मार्ट विलेज के रूप में चयन का अधिकार दिया गया था. सांसद ने पटमदा प्रखंड के खेडुआ पंचायत के खेडुआ ग्राम का चयन किया.

जिला में बनेंगे पांच एग्री स्मार्ट विलेज

पोटका के विधायक संजीव सरदार द्वारा डोमजुड़ी पंचायत का खुर्शी गांव, घाटशिला विधायक रामदास सोरेन द्वारा मुसाबनी प्रखंड के गोहला पंचायत का देवली गांव, बहरागोड़ा विधायक समीर महंती द्वारा चाकुलिया के जुगीतोपा पंचायत के मुड़ाठाकुरा गांव और जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने बोड़ाम के पहाड़पुर ग्राम पंचायत को एग्री स्मार्ट ग्राम के लिए चयन किया गया है.

कहां-कहां बनेंगे एग्री स्मार्ट विलेज?
सांसद ने खेडुआ ग्राम का किया चयन, पोटका, बहरागोड़ा, घाटशिला व बोड़ाम में बनेंगे पांच एग्री स्मार्ट विलेज

क्या है एग्री स्मार्ट ग्राम योजना

एग्री स्मार्ट ग्राम योजना में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल रूप से चलाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित कर कृषि विकास की चुनौतियों को दूर करने के लिए किया गया है. एग्री स्मार्ट ग्राम को विभाग अंतर्गत संचालित सभी राज्य प्रायोजित एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं से आच्छादित किया जायेगा. कृषि, उद्यान, मत्स्य, गव्य, पशुपालन, भूमि संरक्षण, सहकारिता, आत्मा एवं कृषि विज्ञान केंद्र के कृषकोपयोगी गतिविधियों का अभिसरण कर चयनित ग्राम के किसानों को लाभांवित किये जायेंगे.

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By Mithilesh Jha

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