हादसे की पिछली रात को दादी और प्रत्युषा में हुई थी बातचीत

लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर प्रत्युषा जिस घर में जन्मी व पली बढ़ी, आज उसी घर में प्रत्युषा की दादी झरना बनर्जी रहती हैं. प्रत्युषा की मौत की खबर सुन वह भी सदमे में हैं. सोनारी के पंचवटीनगर स्थित आवास में उन्होंने गेट पर ताला लगा दिया है. घर पर पहुंचने वाले रिश्तेदार व आस पड़ोस […]

लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुर

प्रत्युषा जिस घर में जन्मी व पली बढ़ी, आज उसी घर में प्रत्युषा की दादी झरना बनर्जी रहती हैं. प्रत्युषा की मौत की खबर सुन वह भी सदमे में हैं. सोनारी के पंचवटीनगर स्थित आवास में उन्होंने गेट पर ताला लगा दिया है. घर पर पहुंचने वाले रिश्तेदार व आस पड़ोस के लोगों ने बताया कि प्रत्युषा ने अपनी दादी झरना बनर्जी से हादसे की पिछली रात को ही फोन पर बातचीत किया था. वह काफी खुश थी. प्रत्युषा दादी को अक्सर रात में ही फोन किया करती थी. उस दिन भी वो सामान्य बात ही कर रही थी.
अभी झरना बनर्जी काफी सदमे में हैं व बीमार भी. उनकी नजरें टीवी पर चल रही प्रत्युषा की खबरों पर है. दूसरी ओर शुक्रवार की रात से ही सोनारी के मोनी बाबा के पास आकाश मन्ना फ्लैट में जहां प्रत्युषा के माता-पिता रहते हैं, वहां ताला लगा हुआ है. गार्ड का कहना था कि रात के बाद से वहां कोई भी रिश्तेदार नहीं पहुंचा है.
राजबेरी, पड़ोसी
झरना बुजुर्ग हो चुकी हैं. यह खबर सुन काफी सदमें में हैं व बीमार भी. फोन पर किसी से बात नहीं हुई है. टीवी व खबरों के द्वारा ही जानकारी हासिल कर रही हैं.
कविता डे, रिश्तेदार
किसी को कहां पता था कि ऐसा हो जायेगा. झरना को अब खुद का ख्याल रखना होगा. हादसे से उबारने के लिए व उन्हे सांत्वना देने के लिए हम इनके घर आए हैं.
संध्या दत्ता, रिश्तेदार
झरना ने बताया कि शुक्रवार की रात को ही प्रत्युषा का फोन आया था. उस समय वो काफी खुश थी व आम दिनों की ही तरह अच्छे से बातचीत कर खबर ले रही थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >