सेल्स टैक्स विभाग बना 238 करोड़ का कर्जदार
जमशेदपुरः सेल्स टैक्स विभाग 238 करोड़ का कर्जदार बन गया है. टाटा मोटर्स ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के मद में विभाग पर 238 करोड़ रुपये के बकाये का दावा किया है.... विभाग ने भी दावा सही मान लिया है. इसके बाद अब राशि लौटाने की प्रक्रिया चल रही है. वहीं, कंपनी ने तत्काल राशि […]
जमशेदपुरः सेल्स टैक्स विभाग 238 करोड़ का कर्जदार बन गया है. टाटा मोटर्स ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के मद में विभाग पर 238 करोड़ रुपये के बकाये का दावा किया है.
विभाग ने भी दावा सही मान लिया है. इसके बाद अब राशि लौटाने की प्रक्रिया चल रही है. वहीं, कंपनी ने तत्काल राशि भुगतान की मांग की है. इस संबंध में सेल्स टैक्स विभाग के संयुक्त आयुक्त रंजन सिन्हा ने बताया कि आइटीसी के प्रावधान के तहत टाटा मोटर्स ने 238 करोड़ रुपये का दावा किया है. नियम के तहत दावा सही है. इस पर अभी वर्कआउट किया जा चुका है और विभाग टैक्स की राशि लौटायेगा.
क्या है मामला
टाटा मोटर्स जहां से जो भी रॉ मैटेरियल या तैयार माल खरीदती है, वहां वह टैक्स का भुगतान कर देती है. वैट एक्ट के तहत आइटीसी का प्रावधान है. अगर आप एक प्वाइंट पर टैक्स दे चुके हैं तो फिर से टैक्स नहीं दिया जा सकता है. ऐसे में टाटा मोटर्स द्वारा दोबारा टैक्स दिया गया. आइटीसी के तहत यह राशि वापस होनी है. स्टॉक ट्रांसफर के जरिये तैयार माल को यहां नहीं बेचा गया. इस कारण कंपनी यहां टैक्स नहीं दे सकती है.
क्या है आइटीसी
आइटीसी को इनपुट टैक्स क्रेडिट कहा जाता है. एक प्वाइंट पर अगर टैक्स दे दिया जाता है तो उसको वापस भी लेने का प्रावधान है.
