Jamshedpur News : कैरव अपहरणकांड : 96 घंटे बाद भी नहीं मिला कोई सुराग, 7 संदिग्धों से हो रही पूछताछ

Jamshedpur News : बिष्टुपुर सीएच एरिया के उद्यमी कैरव गांधी का 96 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है. अपहरणकर्ताओं के बारे में भी पुलिस को कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है.

By RAJESH SINGH | January 17, 2026 1:42 AM

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार 1:29 मिनट पर पाटा टोल प्लाजा से गुजरे अपहरणकर्ता

चांडिल से पुरुलिया मार्ग में वाहन बदलकर भागे अपहरणकर्ता

पुरुलिया में सिर्फ चालक के साथ दिखी एसयूवी

वारदात के दो दिन पहले घर के आसपास संदिग्ध रूप से घूमने वाले युवकों से पुलिस कर रही पूछताछ

अपहरणकर्ताओं के लोकल कनेक्शन को तलाश रही पुलिस, भेदिया पर भी नजर

हाजीपुर के किडनैपर किंग चंदन सोनार गिरोह पर पुलिस को शक

Jamshedpur News :

बिष्टुपुर सीएच एरिया के उद्यमी कैरव गांधी का 96 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है. अपहरणकर्ताओं के बारे में भी पुलिस को कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है. इसके अलावा जिस पुलिस लिखी स्कार्पियो से कैरव के अपहरण होने की बात कही जा रही है, उसका भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है. वहीं, पुलिस की मानें तो अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. इधर, पुलिस कैरव गांधी के घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद वारदात से दो दिन पूर्व तक घर के आसपास घूमने वाले सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. हालांकि अबतक उनसे कोई ठोस जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी है. पुलिस इस मामले में अपहरणकर्ताओं के लोकल कनेक्शन का पता लगाने में जुटी है. इसके अलावा उस भेदिया का भी पता लगा रही है, जिसने कैरव की विस्तृत जानकारी अपहरणकर्ताओं को उपलब्ध करायी. सीसीटीवी फुटेज की जांच में यह बत सामने आयी है कि कैरव का अपहरण करने के बाद पुलिस लिखी स्कॉर्पियो चांडिल पाटा टोल प्लाजा से दिन के 1:29 मिनट पर गुजरी. शुक्रवार को जिला पुलिस ने पाटा टोल प्लाजा और रिवरव्यू होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की है. दोनों कैमरे में स्कार्पियो की तस्वीर मिली है. जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने मार्ग बदल लिया और पुरुलिया के रास्ते घुस गये. इसी क्रम में उन्होंने रास्ते में कैरव को दूसरे वाहन में शिफ्ट कर दिया. जबकि स्कार्पियो पुरुलिया की ओर चली गयी. पुरुलिया में मिले सीसीटीवी फुटेज में स्कार्पियों में सिर्फ एक व्यक्ति चालक दिख रहा है. सूत्रों के अनुसार कैरव के अपहरण में बिहार का किडनैपर किंग चंदन सोनार व उसके गिरोह की संलिप्तता की बात कही जा रही है. किडनैपर किंग चंदन सोनार गत वर्ष दीपावली से पूर्व हजारीबाग के जेल से छूटा है. चंदन सोनार गिरोह की तलाश में एसआईटी की टीम पटना, हाजीपुर और जहानाबाद में छापेमारी की, लेकिन अबतक सफलता नहीं मिली है.

कौन है चंदन सोनार

बिहार के हाजीपुर निवासी चंदन सोनार किडनैपिंग किंग के नाम से मशहूर है. चंदन सोनार पर झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, बंगाल, गुजरात, छत्तीसगढ़ समेत देश के 12 राज्य में 40 से ज्यादा अपहरण का केस दर्ज है. चंदन सोनार गिरोह के दो सदस्य बिट्टू कुमार और अमित कुमार को रांची पुलिस ने वर्ष 2023 में रांची के धुर्वा से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार युवक रांची के दो कारोबारी का अपहरण करने के उद्देश्य से आये थे. लेकिन पुलिस ने इससे पहले ही दोनों को पकड़ लिया था, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गये थे. पुलिस चंदन सोनार गिरोह के जहानाबाद के शातिर अपराधी राकेश सिंह उर्फ जॉन, अशोक सुंडी, बिट्टू, अमित व उसके साथियों की भी तलाश में जुटी है. जानकारी के अनुसार चंदन सोनार गिरोह अलग- अलग राज्य में करोड़पति व अरबपति कारोबारियों का अपहरण कर फिरौती वसूलने में माहिर है. वर्ष 2013 में चंदन सोनार गिरोह ने गुजरात के हीरा कारोबारी सोहेल हिंगोरा का अपहरण किया था. वर्ष 2008 में चंदन सोनार ने झारखंड के गोमिया में महावीर जैन का अपहरण किया था. जबकि पांच सितंबर 2018 को चुटिया निवासी भाजपा नेता के बेटा शिवम सिंह, उसके मौसेरा भाई गौरव सिंह व अभिषेक उर्फ शैंकी के अपहरण में चंदन सोनार का नाम प्रत्यक्ष तौर पर सामने आया था. इसके बारे में बताया जाता है कि जब तक फिरौती न वसूली कर ले, अपहृत को नहीं छोड़ता. चंदन सोनार का नाम रांची के जेवर व्यवसायी परेश मुखर्जी और लव भाटिया के अपहरण में भी आया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है