पेसा काननू अक्षरश: लागू हो : प्रेमचंद

पेसा काननू अक्षरश: लागू हो : प्रेमचंद करनडीह में पेसा कानून-1996 व झारखंड पंचायत राज अधिनियम पर संगोष्ठी (फ्लैग)फोटो- डीएस 3 व 4जमशेदपुर. करनडीह दिशोम जाहेरथान प्रांगण स्थित पंडित गुरु गोमके प्रेक्षागृह में शनिवार को आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रेमचंद्र मुर्मू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा अधिनियम-1996 अनुसूचित क्षेत्रों के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 14, 2015 9:24 PM

पेसा काननू अक्षरश: लागू हो : प्रेमचंद करनडीह में पेसा कानून-1996 व झारखंड पंचायत राज अधिनियम पर संगोष्ठी (फ्लैग)फोटो- डीएस 3 व 4जमशेदपुर. करनडीह दिशोम जाहेरथान प्रांगण स्थित पंडित गुरु गोमके प्रेक्षागृह में शनिवार को आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रेमचंद्र मुर्मू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा अधिनियम-1996 अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बनाया गया कानून है, जिसे अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए. संगोष्ठी का आयोजन आदिवासी एकता मंच की ओर से किया गया था. इसमें बतौर मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रेमचंद मुर्मू इसमें शामिल हुए. संगोष्ठी का उद्घाटन 5वीं अनुसूची एवं आदिवासी मामले के विशेषज्ञ स्टेन स्वामी ने किया. प्रेमचंद मुर्मू ने कहा कि जल- जंगल, जमीन का प्रबंधन आदिवासियों के स्वाशासन पद्धति से अपने हाथों में होना चाहिए. आदिवासियों को एकजुट होकर अस्तित्व रक्षा के लिए आंदोलन के लिए आगे आना चाहिए. परिचर्चा में आदिवासी एकता मंच के संयोजक नरेश मुर्मू, शिक्षाविद प्रो. दिगंबर हांसदा, जाहेरथान कमेटी के सीआर माझी, पूर्व डीडीसी सीताराम बारी, कुमार चंद्र मार्डी, विस्टर माल्टो, कौशल्या मुंडा, माझी बाबा सलखु माझी समेत अन्य ने अपनी बातों को रखा.