पोटका : 1200 एकड़ में सोना खदान

– जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट से हुआ खुलासा- 10 दिनों में जीएसआइ की टीम अंतिम सर्वेक्षण करेगी वरीय संवाददाता, जमशेदपुरपोटका से ओडि़शा बॉर्डर के बीच 1200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में सोने की खदान की संभावना जतायी गयी है. वहीं रुडि़या के आसपास भी सोने की खदान संबंधी रिपोर्ट झारखंड सरकार को सौंपी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 13, 2015 11:06 PM

– जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट से हुआ खुलासा- 10 दिनों में जीएसआइ की टीम अंतिम सर्वेक्षण करेगी वरीय संवाददाता, जमशेदपुरपोटका से ओडि़शा बॉर्डर के बीच 1200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में सोने की खदान की संभावना जतायी गयी है. वहीं रुडि़या के आसपास भी सोने की खदान संबंधी रिपोर्ट झारखंड सरकार को सौंपी गयी है. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआइ) की ओर से सौंपी गयी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. अब जीएसआइ की टीम 10 दिनों में अंतिम सर्वेक्षण कर, कहां-कहां उत्खनन किया जा सकता है, यह पता लगायेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी. वर्तमान में पोटका के केंदरूकोचा में मनमोहन मिनरल्स की ओर से 380 और 450 एकड़ की दो खदानों में सोना उत्खनन किया जा रहा है. अब नयी खदान मिलने से यहां निवेशक बढ़ने की संभावना है. दलमा की तराई में भी है सोनाजीएसआइ की रिपोर्ट में दलमा की तराई क्षेत्र (सरायकेला-खरसावां जिले के अधीन) में भी सोना होने की जानकारी दी गयी है. जीएसआइ इसी वित्तीय वर्ष में यहां ड्रिलिंग की कार्रवाई पूरी करेगी. इसके बाद खदान आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. सरायकेला-खरसावां जिले के रुडि़या-लांगाडीह, पाटो, ईंचागढ़, तानकोचा, खोकरो, लावा समेत आसपास के इलाके में सोने की खदान मिली है. वर्ष 1942 से चल रहा सर्वेसिंहभूम में वर्ष 1942 से सर्वे का काम लगातार होता रहा है. 1942 में डन व डे कंपनी ने सर्वे किया था. इसके बाद इसकी मैपिंग की गयी थी. इस दौरान एसआर प्रसाद, आरके प्रसाद, डी राय, यूपी सिंह समेत अन्य लोगों ने मैपिंग करायी थी.