गिरफ्त में राज कॉम किंग कमल

सफलता : गिरफ्तारी के डर से बदलता रहता था ठिकाना, भागते-भागते थक गया था कमल जमशेदपुर/जादूगोड़ा : पुलिस ने जांच में पाया है कि कमल सिंह करोड़ों रुपये की ठगी के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था. जादूगोड़ा से फरार होने के बाद उसने धनबाद में शरण ली. पुलिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 21, 2015 8:29 AM
सफलता : गिरफ्तारी के डर से बदलता रहता था ठिकाना, भागते-भागते थक गया था कमल
जमशेदपुर/जादूगोड़ा : पुलिस ने जांच में पाया है कि कमल सिंह करोड़ों रुपये की ठगी के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था. जादूगोड़ा से फरार होने के बाद उसने धनबाद में शरण ली. पुलिस को धनबाद के ठिकाने का पता चल गया था, इसी बीच टेल्को में ब्रजेश सहाय की हत्या हो गयी.
इस कारण पुलिस नहीं जा सकी. इसके बाद वह नोएडा गया.वहां से दिल्ली और फिर जम्मू चला गया. एक वर्ष से वह असम के गुवाहाटी में फ्लैट खरीद कर रह रहा था. उसका स्थायी पता असम का है, जिसके आधार पर उसने फ्लैट खरीदा है. पुलिस ने फ्लैट सील कर लिया है. उन्होंने कहा यदि पुलिस कुछ दिन विलंब करती तो वह असम के गुवाहाटी से अपना फ्लैट बेच कर दूसरे जगह शिफ्ट होने वाला था.
टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी. कमल की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने ग्रामीण एसपी शैलेंद्र कुमार सिन्हा के नेतृत्व में टीम का गठन किया. टीम में मुसाबनी के पुलिस उपाधीक्षक बचनदेव कुजुर, मुसाबनी प्रशिक्षु डीएसपी सुमित कुमार, जादूगोड़ा अंचल इंस्पेक्टर, जादूगोड़ा थाना प्रभारी, पोटका थाना प्रभारी मुसाबनी के रामचंद्र राम तथा डीएसपी बीएन सिंह के नेतृत्व में तकनीकी सेल की गठित टीम में आरक्षी गंगाराम पूर्ति, रवि मिश्र, विक्रांत शंकर झा तथा संजय कुमार तिवारी शामिल हैं.
कोलकाता में हुई कमल की पहचान. एसएसपी ने बताया कि असम में कमल की गिरफ्तारी के बाद कोलकाता से कमल को शहर लाने के लिए दूसरी टीम भेजी गयी थी. उन्हें इस बात की सूचना मिल रही थी कि कमल कोलकाता से भाग कर दिल्ली जा सकता है.
उन्होंने एक अन्य टीम कोलकाता भेजी. कोलकाता हवाई अड्डा में पहुंचने के बाद कमल को दूसरी पुलिस की टीम ने पहचान लिया, जिसके बाद उसे सड़क मार्ग द्वारा शहर लाया गया.