एक्सएलआरआइ में पीजीडीएम (जीएम) बैच का लीडरशिप टॉक
लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुरबैंकिंग व फाइनांस के क्षेत्र में अच्छे काम के लिए सकारात्मक माहौल होना जरूरी है. यह बात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य महाप्रबंधक डॉ प्राची मिश्र ने कही. वह मंगलवार को एक्सएलआरआइ के लर्निंग सेंटर में पीजीडीएम (जीएम) बैच के लीडरशिप टॉक के 12वें सत्र में बैंकिंग एंड फाइनांस विषय पर […]
लाइफ रिपोर्टर @ जमशेदपुरबैंकिंग व फाइनांस के क्षेत्र में अच्छे काम के लिए सकारात्मक माहौल होना जरूरी है. यह बात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य महाप्रबंधक डॉ प्राची मिश्र ने कही. वह मंगलवार को एक्सएलआरआइ के लर्निंग सेंटर में पीजीडीएम (जीएम) बैच के लीडरशिप टॉक के 12वें सत्र में बैंकिंग एंड फाइनांस विषय पर व्याख्यान दे रही थीं. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था व विकास में बैंक बेहतर भूमिका निभा रहे हैं. बैंक सोच-समझ कर ऋण (लोन) दें, तो एनपीए को नियंत्रित किया जा सकता है. इससे पूर्व लियो टालस्टॉय के कथन, सभी सुखी परिवार एक दूसरे के सदृश्य, सभी दु:खी परिवार अपने-अपने हाल पर नाखुश हैं, से व्याख्यान की शुरुआत की. इसके बाद डॉ प्राची मिश्र ने शार्ट टर्म इंटरेस्ट रेट, बैंक लीडिंग एंड एक्सचेंज रेट चैनल, लांग टर्म इंटररेस्ट रेट, एसेट चैनल, बैलेंस शीट चैनल, स्वतंत्र मौद्रिक नीति आदि पर विस्तृत चर्चा की. छात्र-छात्राओं को बैंक ऋण देने के तरीके, विकसित व विकासशील देशों में इसकी स्थिति आदि के अध्ययन की जानकारी दी. डॉ प्राची ने कहा कि अधिक स्वतंत्र केंद्रीयकृत बैंकिंग प्रणाली देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकती है. विकसित देशों में स्टॉक एक्सचेंज की स्थिति मजबूत है.
