टीचर को बताया गया क्लास रूम मैनेजमेंट

फोटो एनएचइएस नाम से है संवाददाता, जमशेदपुर पढ़ाई तकनीक आधारित हो गयी है. पढ़ाई की पारंपरिक तकनीक अब पुराने जमाने की बात हो गयी है, इसके लिए जरूरी है कि टीचर खुद को अपग्रेड करें. इसके साथ ही उन्हें क्लास रूम मैनेजमेंट का भी ज्ञान होना आवश्यक है. यह बात साइकोलॉजिस्ट पारोमिता मित्रा भौमिक ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 14, 2015 9:03 PM

फोटो एनएचइएस नाम से है संवाददाता, जमशेदपुर पढ़ाई तकनीक आधारित हो गयी है. पढ़ाई की पारंपरिक तकनीक अब पुराने जमाने की बात हो गयी है, इसके लिए जरूरी है कि टीचर खुद को अपग्रेड करें. इसके साथ ही उन्हें क्लास रूम मैनेजमेंट का भी ज्ञान होना आवश्यक है. यह बात साइकोलॉजिस्ट पारोमिता मित्रा भौमिक ने कही. वे बिष्टुपुर स्थित नरभेराम हंसराज इंग्लिश स्कूल में स्कूली शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित कर रही थी. उन्होंने शिक्षकों को क्लास रूम मैनेजमेंट के तरीके बताये. उन्हें बताया कि वे बच्चों को पढ़ाने के साथ ही खुद को भी अपग्रेड करें. इसके अलावा बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से खुद को कनेक्ट करें. इस मौके पर उन्हें बच्चों के साथ वन टू वन कनेक्ट करने पर भी बल दिया गया. कार्यक्रम के दौरान एक प्रेजेंटेशन भी पेश किया. इस मौके पर प्रिंसिपल पारोमिता रॉय चौधरी के अलावा काफी संख्या में अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित थे.