नगर के ख्यात तमिल पंडित बाबू शास्त्रीगल नहीं रहे
(फोटो बाबू शास्त्रीगल के नाम से सेव है)देश के गिने-चुने गणपतिगलों में से एक थे बाबू शास्त्रीगलनगर के तमिल भाषियों ने खोया अपना वेदज्ञ पुरोहितजमशेदपुर. जमशेदपुर के तमिल पुजारी कृष्णमूर्ति गणपतिगल, जो नगर के तमिल समाज में ‘बाबू शास्त्रीगल’ के नाम से प्रसिद्ध थे, का बुधवार को उलियान (कदमा) स्थित उनके पुत्र के आवास पर […]
(फोटो बाबू शास्त्रीगल के नाम से सेव है)देश के गिने-चुने गणपतिगलों में से एक थे बाबू शास्त्रीगलनगर के तमिल भाषियों ने खोया अपना वेदज्ञ पुरोहितजमशेदपुर. जमशेदपुर के तमिल पुजारी कृष्णमूर्ति गणपतिगल, जो नगर के तमिल समाज में ‘बाबू शास्त्रीगल’ के नाम से प्रसिद्ध थे, का बुधवार को उलियान (कदमा) स्थित उनके पुत्र के आवास पर निधन हो गया. लगभग 87 वर्षीय बाबू शास्त्रीगल विगत कुछ समय से मधुमेह से ग्रस्त थे. हालांकि वे अंतिम समय तक सक्रिय रहे. बुधवार प्रात: भी उन्होंने दैनिक पूजा संपन्न की. उसके थोड़ी देर बाद ही उनका निधन हो गया. श्री शास्त्रीगल एक वेदज्ञ पंडित थे, जिन्होंने वेदों का अध्ययन किया था तथा अपने पास आने वालों के बीच उक्त पवित्र ज्ञान का प्रसार भी करते थे. उनके निधन से तमिल समाज ने एक विद्वान पुरोहित ही नहीं खोया है, बल्कि एक ऐसा व्यक्ति भी खो दिया है जो विभिन्न अनुष्ठानों को विधिवत संपन्न भी करते थे. बाबू शास्त्रीगल अपने पीछे चार पुत्र, चार बहू एवं पोते-पोतियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं. वे धर्मसास्था मंदिर, बिष्टुपुर राम मंदिर एवं जमशेदपुर वेद पारायण कमेटी से जुड़े हुए थे. उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार, 6 फरवरी को बिष्टुपुर पार्वती घाट पर संपन्न होगा.
