पीएन सिंह खेमे ने तेज किया मिशन 171 प्लस का अभियान, रघुनाथ के कारण चुनाव में देरी

जमशेदपुर: टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनाव की घोषणा के साथ ही अध्यक्ष पीएन सिंह और उनकी टीम ने अपने मिशन 171 प्लस को तेज कर दिया है. इस क्रम में पीएन सिंह की अध्यक्षता में बिष्टुपुर स्थित आवास पर मीटिंग हुई. इस मीटिंग में वक्ताओं ने कहा कि रघुनाथ पांडेय द्वारा यूनियन को न्यायालय में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 5, 2015 8:49 AM
जमशेदपुर: टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनाव की घोषणा के साथ ही अध्यक्ष पीएन सिंह और उनकी टीम ने अपने मिशन 171 प्लस को तेज कर दिया है. इस क्रम में पीएन सिंह की अध्यक्षता में बिष्टुपुर स्थित आवास पर मीटिंग हुई. इस मीटिंग में वक्ताओं ने कहा कि रघुनाथ पांडेय द्वारा यूनियन को न्यायालय में घसीटने के कारण चुनाव में काफी देरी हुई जबकि यूनियन ने चुनाव प्रक्रि या 27 सितंबर 2014 से ही शुरू कर दी थी.

वक्ताओं ने कहा कि न्यायालय में उनकी तरफ से पानी की तरह पैसा बहाया गया. इसके बाद भी निर्णय देर से आने पर रघुनाथ पांडे खेमे में हताशा की स्थिति बनी हुई है क्योंकि चुनाव होते तक उनकी नौकरी दो महीने शेष रह जायेगी. रघुनाथ पांडे द्वारा एनएस ग्रेड के निर्माण से कर्मचारियों को दो भागों में बांट दिया गया. रघुनाथ पांडेय ने सीएमजी बना दिया और पे रोल बदल दिया. लेकिन इन सभी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारी टीम ने दूरदर्शी सोच एवं धारदार नेतृत्व की बदौलत कई मायनों में एनजेसीएस से बेहतर ग्रेड रिवीजन कराया. ऐसे में मजदूरों के बीच एक मात्र विकल्प है, पीएन सिंह के नेतृत्व में मिशन 171+ के लक्ष्य को मुकाम तक पहुंचाने का. बैठक में पीएन सिंह के अलावा संजीव चौधरी टुन्नु, सुबोध श्रीवास्तव, शहनावाज आलम, सतीश सिंह, आर रवि प्रसाद, आरके सिंह, भगवान सिंह जूनियर समेत काफी संख्या में कमेटी मेंबर मौजूद थे.

संविधान संशोधन की साजिश विफल रही : पूर्व कमेटी मेंबर
सत्ता में बैठे लोग हर बार हार का सामना करने के बाद भी जीत का दंभ भरते हैं. जिस तरह सिक्यूरिटी को यूनियन की सदस्यता से वंचित करने के लिए एड़ी-चोटी एक कर दिए. संविधान संशोधन कर आम कर्मचारियों के अधिकारों का हनन करने का भरपूर प्रयास किया, यूनियन पर अवैध तरीके से कब्जा जमाए रखने का असफल प्रयास किया. जुस्को श्रमिक यूनियन में परोक्ष रूप से रघुनाथ पांडेय को बाहर रखने एवं पीएन ़सिंह को जुस्को श्रमिक यूनियन का अध्यक्ष बनने का असफल प्रयास किया. हर मोरचे पर विफल होने के बावजूद हर बार स्वर्गीय वीजी गोपाल को माला पहनाते हैं और मजदूरों को गुमराह करते है.

-लक्ष्मण सिंह एवं एचके यादव, पूर्व कमेटी मेंबर, एलडी-1

मजदूरों की आंखों में धूल झोंक रहा सत्ता पक्ष : सरोज
सत्ता में बैठे लोग (संजीव चौधरी एवं उनके समर्थक) कोर्ट में चुनाव टालने का षडयंत्र रचते हैं एवं कर्मचारियों को यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि हमलोग चुनाव चाहते है एवं स्वर्गीय वीजी गोपाल की प्रतिमा पर फूल माला चढ़ाते हैं. जिस तरह कैंटीन आउटसोर्स, ट्यूब के कर्मचारियों का सरप्लस जैसे मुद्दों पर सैद्घांतिक हामी भरने के बाद मजदूरों को गुमराह किया है. इससे ताजा उदाहारण और क्या हो सकता है कि इन लोगों की कथनी और करनी में कितना अंतर है. टाटा स्टील के सारे मजदूर इनके कार्यकाल में अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे है. समय आ गया हैं मजदूर इनको मुंहतोड़ जवाब दें. -सरोज पांडेय, कमेटी मेंबर, सीआरएम