संवाद-ए-ट्राइबल कॉन्क्लेव का आयोजन, आदिवासियों से रिश्ता और मजबूत होगा: नरेंद्रन

जमशेदपुर : टाटा स्टील के सीइओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि आदिवासी समुदाय के साथ टाटा स्टील का रिश्ता बहुत पुराना है. इस रिश्ते को और अधिक मजबूत बनायेंगे. जिस तरह आदिवासी समुदाय हर कदम पर साथ देते आ रहे हैं, उसी तरह टाटा स्टील भी उनके सामाजिक उत्थान के लिए हर कदम […]

जमशेदपुर : टाटा स्टील के सीइओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि आदिवासी समुदाय के साथ टाटा स्टील का रिश्ता बहुत पुराना है. इस रिश्ते को और अधिक मजबूत बनायेंगे. जिस तरह आदिवासी समुदाय हर कदम पर साथ देते आ रहे हैं, उसी तरह टाटा स्टील भी उनके सामाजिक उत्थान के लिए हर कदम पर खड़ा है. उक्त बातें वे टाटा स्टील की ओर से आयोजित संवाद- ए ट्राइबल कॉन्क्लेव के छठे संस्करण में बोल रहे थे.

कार्यक्रम के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि संवाद-ए-ट्राइबल कॉन्क्लेव में देश-विदेश के 180 ट्राइबल कम्युनिटी हिस्सा ले रहे हैं. टाटा स्टील ने उन्हें एक मंच प्रदान किया है. सभी एक छत के नीचे वार्ता कर एक-दूसरे के विचार को जानेंगे. ट्राइबल कम्युनिटी को इससे बहुत कुछ नया सीखने व जानने को मिलेगा.
इलाज के विभिन्न पद्धतियों पर हुआ मंथन : बिष्टुपुर गोपाल मैदान में शनिवार को विभिन्न राज्यों से आये ट्राइबल हीलर्स ने इलाज की विभिन्न पद्धति व आज के समय में उपयोग पर मंथन किया. ट्राइबल हीलर्स ने अपने अनुभव को बांटा.
वक्ताओं ने कहा कि दुनिया उन्नति कर रही है. हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है. लेकिन दुनिया फिर अपने मूल जगह पर ही लौट कर आ रही है. परिचर्चा में केरल, असम, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम, लद्दाख समेत अन्य जगहों के हीलर्स परिचर्चा में भाग लिये.
जड़ी बूटियाें से बोन कैंसर का इलाज संभव : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रिंगरिगा गांव के युवा वैद्य संतोष यादव ने कहा कि बोन कैंसर जैसी जटिल बीमारी का इलाज जड़ी बूटियों से आसानी से दूर हो जाता है.
वहीं, छत्तीसगढ़ परबनिया के वैद्य रामलाल पाव ने बताया कि शरीर के लिए जड़ी-बूटी की दवा अनुकूल है. जड़ी-बूटी कभी भी रिएक्शन नहीं करती है. जबकि अंग्रेजी दवा हानि भी पहुंचाती है. किडनी की बीमारी के इलाज में आठ प्रकार की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करते हैं.

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